हरिद्वार। बरेली के पास हुई बस दुर्घटना के बाद रोडवेज प्रशासन जाग गया है। रोडवेज प्रशासन की ओर से अब रुपैड़िया मार्ग पर प्रत्येक बस पर दो-दो चालक भेजे जा रहे हैं।
पिछले सप्ताह शनिवार को तड़के चार बजे रुपैड़िया से हरिद्वार आ रही रोडवेज की बस सड़क के किनारे खड़े डीसीएम टोयटा से टकरा गई थी। जिसमें दो यात्रियों की मौत हो गई थी, कई घायल हो गए थेे। जांच में यह बात सामने आई थी कि बस में एक ही चालक होने और कोहरे के कारण तड़के चार बजे चालक को नींद की झपकी आ गई थी। जिससे बस सामने खड़े डीसीएम टोयटा से टकरा गई थी। बताया जा रहा है कि जब भी रुपैड़िया मार्ग पर कोई भी बस दुर्घटना हुई, उस समय बस में एक ही ड्राइवर था। हरिद्वार से रुपैड़िया तक 585 किलोमीटर का सफर 15 घंटे में पूरा होता है। ऐसे में जब भी एजेंसी ड्राइवर को रुपैड़िया रूट पर भेजा जाता है तो एक ही ड्राइवर बस को ले जाने के लिए तैयार हो जाता है। अकेले जाने पर उसे 1170 किलोमीटर के पैसे मिलते हैं जबकि दो ड्राइवरों के जाने पर यह राशि दोनों में बांटी जाएगी। जबकि नियमानुसार एक ड्राइवर से सात घंटे से अधिक काम नहीं लिया जा सकता है।