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सीओ की कार हरिद्वार की पार्किंग में मिली

Tue, 17 May 2016 12:08 AM IST
hridwar uttrakhanda india
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हरिद्वार। दून पुलिस के लिए सिरदर्द बनी सीओ अव्वल सिंह रावत के घर से चोरी की गई कार हरकी पैड़ी से सटी पंडित दीन दयाल उपाध्याय पार्किंग (धोबीघाट पार्किंग) से बरामद हुई। दोपहर तक चली घेराबंदी के बाद भी हरिद्वार और देहरादून पुलिस के हत्थे कोई चोर नहीं चढ़ सका। दोपहर बाद देहरादून पुलिस कार को अपने साथ ले गई।
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14 मई की रात को सीओ अव्वल सिंह रावत के जोगीवाला स्थित घर में घुसे चोर कोई कीमती सामान न मिलने पर कार ही ले उड़े थे। उस वक्त घर में उनकी बहू अकेले ही मौजूद थी। सीओ की कार चोरी होने से राजधानी पुलिस की नींद उड़ी थी। हालांकि, देहरादून पुलिस ने अपनी पड़ताल में कार ले उड़े गैंग को ट्रेस आउट कर लिया था। रविवार की देर रात ही कार के धोबीघाट पार्किंग में होने की सूचना देहरादून पुलिस को मिली थी।
देहरादून पुलिस ने तुरंत हरिद्वार पुलिस से संपर्क साधा था। देर रात से ही कार वापस लेने आते वक्त चोरों को दबोचने के लिए रणनीति बन गई थी।
पार्किंग के आसपास पुलिस ने घेराबंदी कर ली थी और कई पुलिसकर्मी सादे कपड़ों कपड़ों में तैनात कर दिए गए थे। दिनभर चली कवायद के बाद भी चोर कार को लेने नहीं आए। नगर पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पार्किंग में लगे सीसीटीवी कैमरे फुटेज खंगाले गए हैं। दो से तीन लोगों के कार में सवार होने की बात सामने आई है। फुटेज दून पुलिस को उपलब्ध करा दी गई है।
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...तो पुलिस की चाल भांप गए थे पारदी
- कार को बेरोकटोक दौड़ता रहा पारदी गैंग
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। बेहद शातिर पारदी गैंग के सदस्य आखिरकार दो जिलों की पुलिस को भी गच्चा दे गए। वे पुलिस की चाल को बखूबी समझ गए थे इसलिए ही वे कार लेने वापस नहीं आए। एक बड़ी बात ये भी है कि, वे आराम से दो दिन तक कार यहां से वहां दौड़ाते रहे लेकिन पुलिस के लंबे हाथ उन तक नहीं पहुंच पाए।
दून पुलिस की पड़ताल में कुछ घंटों में ये साफ हो गया था कि घटना के पीछे मध्यप्रदेश के भिड मुरैना में बसी आपराधिक पारदी जाति का ही हाथ है। ये पारदी बेहद ही शातिर होते हैं और इन्हें चोरी में महारत हासिल होती है। इनकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि, परिवार की मौजूदगी में ही वारदात को अंजाम देते है। एक विशेष किस्म का पाउडर घर में छिड़क देते हैं। जिससे घर के लोगों को नींद में बेहोशी छा जाती है। इसके बाद आसानी से घटना को अंजाम देते हैं। गैंग पिछले दो दिन से कार को देहरादून से हरिद्वार के बीच दौड़ा था पर किसी के हत्थे नहीं चढ़ा। जब पुलिस ने कार के इर्द गिर्द घेराबंदी भी कर ली तब संभवत वे रणनीति को भांप गए। इसलिए ही कार को लेने नहीं आए। पुलिस भी इस बात को स्वीकार रही है। ये पारदी गैंग के शातिराना दिमाग को दर्शाने के लिए काफी है।
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