पत्रकारों से वार्ता करते संत ।
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जगन्नाथ धाम के अध्यक्ष महंत लोकेश दास ने कहा है कि राज्य सरकार संतों को विश्वास में लेकर कुंभ मेला आयोजन कराए। कुंभ मेला संत और श्रद्धालुओं का है, न की सरकार का है। सरकार द्वारा कोई भी निर्णय संतों और श्रद्धालुओं पर थोपना सरासर गलत है।
बैरागी कैंप स्थित अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़े में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री संतों के पास आकर वार्ता करें, ताकि मेले का स्वरूप स्पष्ट हो सके। मुख्यमंत्री नहीं आते हैं तो चुनाव के वक्त भी संतों के पास नहीं आना चाहिए। निर्मोही अखाड़े के सचिव महंत रामशरण दास ने कहा कि सरकार द्वारा कुंभ मेला सीमित किया जाना ठीक निर्णय है, लेकिन संतों एवं श्रद्धालुओं के लिए गाइडलाइन में कड़े नियमों को सरल बनाने की जरूरत है।
बैरागी संतों की व्यवस्थाएं करने में दो माह से अधिक का समय लगता है। लेकिन वर्तमान स्थिति को देखकर लगता है कि सरकार कुंभ मेले का आयोजन नहीं कराना चाहती है। कोरोना का बहाना बनाकर हिंदुओं की आस्था पर कुठाराघात किया जा रहा है। महंत प्रहलाद दास ने कहा कि वृंदावन मेले के बाद बड़ी संख्या में बैरागी संत हरिद्वार बैरागी कैंप में कूच करेंगे। बैरागी संतों के आने के बाद वैष्णव समाज कठोर निर्णय लेकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा। इस दौरान महंत अमित दास, महंत सिंटू दास, महंत अगस्त दास आदि भी उपस्थित रहे।