सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने विभागाध्यक्षों पर कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने लंबित प्रकरण की सूची देखकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जिन समस्याओं का निराकरण 36 दिनों के भीतर नहीं किया गया है वह तत्काल करें अन्यथा कार्रवाई की जद में आएंगे।
बतौर प्रभारी जिलाधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने कहा कि जिन मामलों का निस्तारण नहीं हो सका है उसमें शिकायतकर्ताओं से या तो मोबाइल पर बात करें या स्थलीय निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि मामलों के लंबित होने की दशा में इसकी पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। निरीक्षण के दौरान सीडीओ के सामने प्रस्तुत रिपोर्ट में लेवल एक के अधिकारियों पर कुल 524 शिकायतें लंबित मिलीं। वहीं लेवल दो के अधिकारियों पर कुल 88 शिकायतों के निस्तारण का बोझ बना हुआ है। यह जानकर सीडीओ दंग रह गए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायतों के निस्तारण का समय निर्धारित है इसमें किसी तरह की कोताही नहीं बरतनी है। इसकी मॉनिटरिंग शासन स्तर पर की जा रही है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, सीएमओ डॉ. आरके सिंह, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान, जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, जिला अर्थ संख्या आधिकारी नलिनी ध्यानी, नोडल स्वजल सीएम त्रिपाठी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, जिला शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी, एआरटीओ रुड़की (ए) एल्विन आदि मौजूद रहे।