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राजनीतिक डर से सीएम कर रहे उपेक्षा

Wed, 06 Jul 2016 12:09 AM IST
hridwar uttrakhanda india
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सीएम पर बरसे मेयर - फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। मेयर मनोज गर्ग ने मुख्यमंत्री हरीश रावत पर हरिद्वार नगर निगम की राजनीतिक कारणों से उपेक्षा का आरोप लगाया। मेयर ने कहा कि यदि सीएम को विकास कार्यों का श्रेय भाजपा को मिलने का डर है तो वह अपने नाम के पत्थर लगा लें, खुद ही उद्घाटन भी कर लें। लेकिन विकास कार्य न रोकें।
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मेयर मनोज गर्ग मंगलवार को अपने कई साथी पार्षदों के साथ पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने राजनीतिक दुर्भावना के चलते हरिद्वार सहित भाजपा शासित सभी नगर निकायों के विकास को बाधित करने का मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अर्द्धकुंभ में सभी निकायों के कर्मचारियों को इनाम स्वरूप भत्ता दिया गया, लेकिन हरिद्वार नगर निगम के कर्मचारी वेतन के लिए भी तरस रहे हैं। नगर निगम के भवन निर्माण के लिए 5.60 करोड़ रुपये मंजूर भी कर लिए गए, पर जारी नहीं किए गए। इसके अलावा चैलेंस फंड के तहत 200 बैट्री चालित रिक्शा और सात रिक्शा स्टैंड बनाने का प्रस्ताव लटका पड़ा है। रानीपुर झाल स्थित निगम भूमि पर आवासीय और व्यवसायिक भवनों का निर्माण कर बाजार दर पर बेचे जाने के प्रस्ताव पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। मिस्सरपुर में स्लेज फार्म की भूमि पर मेडिकल कालेज, मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल और कर्मचारियों के आवास बनाने का प्रस्ताव भी सिरे नहीं चढ़ाया गया। जगजीतपुर में सड़क किनारे दुकानों का निर्माण, बीएसयूपी योजना के तहत ज्वालापुर में बने 98 आवासों का आवंटन न होने पर भी नाराजगी जताई गई। नगर निगम क्षेत्रांतर्गत खोखानुमा दुकानों को व्यवस्थित करने और अतिक्रमण से मुक्ति दिलाने की कार्रवाई, 13वें और 14वें वित्त आयोग की धनराशि भी जारी नहीं की गई। पंतद्वीप व दीनदयाल पार्किंग की आय निगम को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव मंजूर नहीं किया गया। इस दौरान उनके साथ पार्षद राजेश शर्मा, वंदना गुप्ता, सपना शर्मा, शशिकांत वशिष्ठ, मदन गोपाल, राजकुमार, पार्षद प्रतिनिधि इमरान मंसूरी, जितेन्द्र चौहान, श्यामल दबोडिय़े आदि मौजूद रहे।
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एमएनए पर भी साधा निशाना
मेयर मनोज गर्ग ने एमएनए विप्रा त्रिवेदी पर भी निशाना साधा। मेयर ने आरोप लगाया कि जिले में हर छह महीने में डीएम और एसएसपी का तबादला हो जाता है, लेकिन एमएनए को तीन साल में भी नहीं बदला जा रहा है। आरोप लगाया कि एमएनए सरकार के इशारे पर निगम बोर्ड के विपरीत कार्य कर रही हैं, जिसका इनाम उन्हें सरकार ने नई गाड़ी के रूप में दिया है।
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