चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ (चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं) ने लंबित मांगों के समर्थन में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। आंदोलन प्रदेशभर में 14 जुलाई से शुरू होगा। बृहस्पतिवार को संघ की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष दिनेश लखेड़ा और महामंत्री सुनील अधिकारी ने कहा कि मांगों के समर्थन में संघ की तीन बार वार्ता हो चुकी है। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। शासन से फाइल लौटा दी गई है।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 50 फीसदी पदोन्नति पर समझौता होने के बाद भी 25 फीसदी ही किया गया। संघ ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि हाईस्कूल से कम वाले कर्मियों को उद्यान विभाग में माली को टेक्निकल घोषित कर उद्यान सहायक बनाकर ग्रेड वेतन 4200 दे दिया है। स्वास्थ्य विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का कार्य बेहद रिस्की और टेक्निकल होने के बावजूद आज तक टेक्निकल करने की प्रक्रिया नहीं की गई है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश पंत, उपाध्यक्ष नेलसन अरोड़ा ने कहा कि कर्मचारी भी नर्सेज संवर्ग की तरह मरीजों के संपर्क में रहते हैं, लेकिन पौष्टिक आहार भत्ता नहीं दिया जाता है। पुलिस के चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को एक माह का मानदेय दिया जाता है।
प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण सिंह, संयुक्त सचिव रविंद्र सिंह, ऑडिटर महेश कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राष्ट्रीय अवकाश, होली, दिवाली, द्वितीय शनिवार, रविवार और अन्य राजकीय अवकाश का भी उपभोग नहीं करते तो उनको भी एक माह का मानदेय दिया जाना चाहिए। उपाध्यक्ष दीपक धवन ने कहा कि कर्मियों की ड्यूटी जोखिम भरी है, इसलिए 10 लाख जोखिम भत्ता दिया जाए। पदाधिकारियों ने कहा कि 13 जुलाई तक इन मांगों पर कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं होने पर 14 जुलाई से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
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प्रमुख मांगें
उद्यान विभाग के माली की तरह हाईस्कूल से कम कर्मचारियों को टेक्निकल घोषित किया जाए।
लैब सहायक, डार्क रूम सहायक, ओटी, सहायक, ड्रेसर के पदों पर 50 फीसदी कोटे के तहत पदोन्नति।
नर्सेस संवर्ग की तरह मरीजों के संपर्क में रहने वालों को पौष्टिक आहार दिया जाए।
पुलिस के चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की तरह एक माह का मानदेय, जोखिम भत्ता 10 लाख दिया जाए।
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प्रदेश स्तर पर ऐसे होगा चरणबद्ध आंदोलन
14 से 19 जुलाई तक सभी कर्मचारी ड्यूटी करते हुए काला फीता बांधकर विरोध जताएंगे।
20 से 24 जुलाई तक प्रदेश, जिला पदाधिकारी जनपद स्तर पर जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों को ज्ञापन देंगे।
26 और 27 जुलाई को उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर कर सीएमओ कार्यालय और चिकित्सालयों में दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन। 29 जुलाई को चतुर्थ श्रेणी कर्मी महानिदेशालय देहरादून, कुलसचिव आयुर्वेद विश्वविद्यालय हर्रावाला, निदेशक होम्योपैथी और आयुर्वेद का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे।
30 जुलाई से मांगों पर सुनवाई नहीं होने तक बिना अन्न ग्रहण किए कोविड चिकित्सालय, जिला चिकित्सालयों, कार्यालयों में ड्यूटी करेंगे।