चाइल्ड लाइन की ओर से रेस्क्यू किशोर ने बालगृह के कर्मचारी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। शनिवार को किशोर परिजनों के साथ सिडकुल थाने पहुंचा और पुलिस में शिकायत की। घटना 10 अक्तूबर रात की बताई जा रही है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।
कनखल थाना प्रभारी प्रमोद उनियाल के मुुताबिक चाइल्ड हेल्पलाइन ने रेलवे स्टेशन से 13 वर्षीय किशोर को रेस्क्यू किया था। उसे रोशनाबाद स्थित बालगृह में रखा गया। इसके बाद किशोर के परिजनों को सौंप दिया गया था। शनिवार को किशोर पिता के साथ बालगृह में पहुंचा और बालगृह अधीक्षक को घटना के बारे में बताया। आरोप है कि बालगृह अधीक्षक ने उनकी बात नहीं सुनी। इसके बाद वे थाने पहुंचे। सिडकुल थाने के एसएसआई विक्रम सिंह धामी किशोर को लेकर बालगृह पहुंचे।
किशोर ने पहले बैरक के मॉनिटर पर आरोप लगाए। जब उनकी परेड करवाई गई तो किशोर ने मना कर दिया। किशोर ने जिस जगह पर घटना बताई, वहां पुलिस को सीसीटीवी लगे हुए मिले। सिडकुल थाना प्रभारी प्रमोद उनियाल ने बताया कि बच्चा बार-बार अपने बयान बदल रहा है। पूरे स्टाफ से पूछताछ की गई है। सीसीटीवी कैमरों को भी चेक किया गया है। बालगृह अधीक्षक प्रशांत शर्मा का कहना है कि आरोप गलत है। किशोर को प्रत्येक बच्चे और स्टाफ से रूबरू कराया गया है। लेकिन उसने किसी की पहचान नहीं की है।