फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बावन दर्रे में डूबने से बालक की मौत

विज्ञापन
धनौरी में बावन दर्रे। - फोटो : HARIDWAR
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को धनौरी के बावन दर्रे में डूबने से 12 साल के बालक की मौत हो गई है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बावन दर्रे में शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। वहां नग्न अवस्था में बालक का शव मिला। पुलिस को सूचना देने वाले सिंचाई विभाग के चौकीदार ने बताया कि अक्सर बच्चे बावनदर्रे पर खेलने आते हैं। कलियर एसओ धर्मेंद्र राठी ने बताया कि छानबीन के बाद शव की शिनाख्त राशिद (12) पुत्र मोहमद सिराज, हाल निवासी भगवानपुर रूप में हुई है। बालक धनौरी बावन दर्रे कैसा पहुंचा इसकी जांच की जा रही है।
विज्ञापन

---------------
नहाने वाले का कब्रगाह बन रहा बावन दर्रा
उत्तराखंड बनने के बाद से दर्रे में ढाई सौ लोग गंवा चुके हैं जान
हर्ष सैनी
धनौरी। धनौरी के बावन दर्रा कब्रगाह बन रहा है। नहाने के दौरान लोग डूबकर मौत का शिकार हो रहे हैं। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद से बावन दर्रे में नहाने के दौरान करीब ढाई सौ लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बाद भी नहाने वालों पर रोक नहीं लगी है।
कोरोनाकाल में बावन दर्रे पर आवाजाही बंद थी। कलियर दरगाह में जायरीन की आवाजाही शुरू होने से लोग नहाने पहुंचने लगे हैं। नहाने के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को स्थानीय लोग अंधविश्वास से जोड़कर भूत-प्रेत की छाया मानते हैं। नहाने वालों को चेतावनी भी हैं। लेकिन नहाने वाले चेतावनी की अनदेखी करते हैं और मौत के भंवर में फंस जाते हैं। ग्रामीणों को कहना है कि बावन दर्रे में कई घटनाएं हो चुकी हैं। सर्वाधिक घटनाएं कलियर दरगाह में जियारत करने के लिए आने वाले जायरीनों के साथ हुई हैं। रतमऊ नदी और उत्तरी खंड गंगनहर पर बना पुल बावन दर्रा के नाम से जाना हाता है। अंधविश्वास है कि यहां नहाने से बीमारियां दूर हो जाती हैं। यहां की भौगोलिक स्थिति से अंजान जायरीनस्नान करते वक्त जान गंवा बैठते हैं। ग्रामीणों की मानें तो उत्तराखंड गठन के बाद बावन दर्रे में नहाने के दौरान अब तक करीब ढाई सौ से अधिक लोगों ने जान गवाई है।
विज्ञापन

-------------------------
सांकेतिक बोर्ड लगाकर कर ली इतिश्री
यूपी सिंचाई विभाग ने सांकेतिक चेतावनी बोर्ड लगाकर अपने कर्त्तव्यों के इतिश्री की है। नहाने के लिए आने वालों को रोकने की कोई व्यवस्था तक नहीं है। घाड़ क्षेत्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुभाष सैनी, ग्रामीण ब्रिजेश, मांगेराम, अंकित सैनी का कहना है सिंचाई विभाग जायरीनों को मौत के मुंह में जाने से बचा सकता है। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र राठी ने बताया कि बावन दर्रा पर सांकेतिक बोर्ड और तारबाड़ कराई जा रही है। पुलिस कर्मी गश्त भी करते हैं।
विज्ञापन

------------------------
बीते कुछ सालों में डूबने से जान गंवाने वाले
1- राशिद पुत्र मोहम्मद सिराज, निवासी भगवानपुर, उम्र 12
2-आमिर पुत्र जमील, निवासी हरदोई, उम्र 11 वर्ष
3-आशिफ पुत्र अब्दुल रसीद निवासी फिरोजाबाद उम्र 24
5-जावेद पुत्र जुफैल नई दिल्ली, उम्र, 20
6-वसीम पुत्र शाहिद उम्र 22 वर्ष निवासी सहारनपुर
7- इसरार पुत्र दिलशाद उम्र 21 वर्ष, निवासी मुरादाबाद
8-फुरकान पुत्र यामीन उम्र 22 वर्ष मुरादाबाद
9-आरिफ पुत्र नवाब निवासी गाजियाबाद उम्र 24 वर्ष
10-गुलमोहमद पुत्र निजाकत उम्र 22 वर्ष निवासी मुरादाबाद
11-अजरा पुत्री रहीश निवासी सहारनपुर उम्र 15 वर्ष
12- सतविंदर सिंह पुत्र मोहन सिंह उम्र 32 वर्ष
13-मजहर पुत्र साबिर उम्र 24 वर्ष, निवासी बिजनौर
14-रिहान पुत्र मोहसिन, निवासी बरेली, उम्र 18 वर्ष
15-मुदिस्सर चंदेल पुत्र हमीर चन्देल निवासी वार्ड नं 18, जिला उधमपुर (जम्मू कश्मीर)
16-फिरात हुसैन उम्र 45 वर्ष पुत्र हुसैन निवासी नागफनी थानां नागफनी जिला मुरादाबाद
17- फिरस्त पुत्र मोहम्मद शरीफ, उम्र 47 वर्ष, मुरादाबाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें