चामुंडा देवी मंदिर में जाने से रोका
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हरिद्वार। पहले नवरात्र पर बिल्केश्वर मंदिर से तीन किलोमीटर दूर सुनारकोठी स्थित पहाड़ी पर मां चामुंडा की पूजा अर्चना करने जा रहे श्रद्धालुओं को पार्क प्रशासन ने रोक दिया। पार्क प्रशासन ने कहा कि आरक्षित वन क्षेत्र में किसी को प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वहीं मां चामुंडा देवी मंदिर मुक्ति आंदोलन समिति ने कहा कि पार्क अनुमति देने के लिए पत्राचार नहीं कर रहा है।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मां चामुंडा देवी के श्रद्धालु हरकी पैड़ी से कलश यात्रा निकालकर 11 बजे बिल्केश्वर मंदिर स्थित मां चामुंडा देवी के प्रवेशद्वार पर पहुंचे। पार्क और पुलिस प्रशासन पहले से ही अलर्ट था। कुछ लोग अंदर जाने के जिद करने लगे तो पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने पीछे कर दिया। इस दौरान लक्ष्मण दास महाराज ने कहा कि वे नवरात्र में मां चामुंडा देवी की पूजा अर्चना करने के लिए अंदर जाने की कोशिश करते हैं लेकिन पार्क प्रशासन हर बार की तरह उन्हें रोक देता है। चरणजीत पाहवा ने कहा कि पार्क प्रशासन की ओर से उनके आवेदन को आगे भेजने से रोका जाता है। वहीं राजाजी टाईगर रिजर्व के रेंजर डीपी उनियाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार आरक्षित वन क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गतिविधियां प्रतिबंधित हैं। किसी को भी प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने नहीं दिया जाएगा। इस अवसर पर चामुंडा देवी उत्थान समिति के महासचिव सुनील शर्मा, कोषाध्यक्ष वेद प्रकाश गोस्वामी, पं. दिनेश शर्मा, भारती बिष्ट, दुर्गेश नंदिनी, रवि शर्मा, दीपक गुप्ता, कन्हैया सैनी, गौरव सिंह, संदीप, तोताराम, सौरभ शर्मा, बिंदू गिरि, गोलू, मोंटू, नितिन आदि थे।