जिले में बृहस्पतिवार को की गई सख्ती का असर आंकड़ों के साथ ही रोड पर भी दिखने लगा। इसमें प्रवर्तन और यातायात नियमों की जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी नेहा झा के नेतृत्व में यह कार्रवाई हुई। इस अभियान के दौरान कुल 160 वाहनों के चालान किए गए और लगभग 3 लाख 91 हजार 600 रुपये की शमन राशि वसूली गई।
अभियान में दोपहिया वाहन चालक हेलमेट का प्रयोग नहीं करते मिले। इसमें हेलमेट न पहनने के 76 मामले दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त बिना कर रसीद, बिना वैध परमिट और सीट बेल्ट का प्रयोग न करने पर भी कार्रवाई हुई। यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग के मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई की गई। प्रवर्तन टीमों ने कुल 37 वाहनों के पंजीयन प्रमाण-पत्र जब्त किए गए। तीन वाहनों को एआरटीओ कार्यालय लाया गया। अभियान के तहत बाहरी राज्यों के वाहनों की भी विशेष जांच की गई, जिसमें उत्तर प्रदेश पंजीकृत पर्यटक और वाणिज्यिक वाहन शामिल थे।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी नेहा झा ने प्रवर्तन टीमों को निर्देश दिए। उन्होंने सड़क सुरक्षा से सीधे जुड़े उल्लंघनों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। इनमें हेलमेट, सीट बेल्ट, परमिट, कर, फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस और ओवरलोडिंग के मामले शामिल हैं। झा ने जोर दिया कि कार्रवाई केवल चालान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात अनुशासन स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे प्रवर्तन अभियान जारी रहेंगे। यह अभियान नियमित रूप से संचालित किए जाएंगे।