जिले का शिक्षा विभाग इन दिनों अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। मुख्य शिक्षा अधिकारी पद को लेकर खींचातानी खत्म भी नहीं हुई कि बहादराबाद उप शिक्षा अधिकारी सीट पर भी ऐसे ही हालात पैदा हो गए हैं। यहां कागजों में तो एक ही सीट पर दो दो अधिकारी हैं, लेकिन एक छुट्टी पर है तो दूसरा चार्ज नहीं मिलने से दफ्तर में काम काज नहीं संभाल पा रहा है। ऐसे में दीपावली के मौके पर शिक्षकों का बोनस भी हिचकोले खाता दिख रहा है।
शासन ने पिछले महीने प्रदेश के 40 शिक्षा अधिकारियों के तबादले किए थे। हरिद्वार से सीईओ अजय कुमार नौडियाल को चमोली ट्रांसफर किया गया है। उनकी जगह डीईओ माध्यमिक डा. पुष्पा रानी वर्मा को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। डा. वर्मा ने प्रभारी सीईओ का चार्ज तो ले लिया है, मगर अजय नौडिय़ाल अभी तक रिलीव नहीं हुए। कमोबेश यही स्थिति बहादराबाद ब्लॉक में भी है।
यहां उपशिक्षा अधिकारी सुमन अग्रवाल का ट्रांसफर रुड़की होने के बावजूद वह कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं है। हालांकि यहां आए बृजपाल राठौर कागजों में चार्ज ले चुके हैं, लेकिन अग्रवाल के रिलीव नहीं होने से वे दफ्तर नहीं संभाल पा रहे हैं। स्थिति यह है कि सुमन अग्रवाल अवकाश पर हैं, और राठौर भी रुडक़ी का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं।
ऐसे में शिक्षकों को डर सता रहा है कि दो अफसरों की खींचातानी में बोनस के बिना उनकी दीपावली फीकी न रह जाए। इस बारे में शनिवार शाम शिक्षा विभाग के अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, पर उनके मोबाइल स्विच ऑफ रहे। वहीं उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष शिवा अग्रवाल का कहना है कि त्यौहार के समय पर शिक्षकों को समय पर बोनस दिया जाना जरूरी है।