स्वच्छता सर्वेक्षण में हरिद्वार नगर निगम दो सालों से लगातार निचले पायदान पर खिसक रहा है। नगर निगम ने इस बार रैंकिंग सुधारने के लिए जोर लगाया है। स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केंद्र की टीम अप्रैल के अंत तक आएगी और शहर की सफाई व्यवस्था देखेगी। निगम ने सिटीजन फीडबैक लेने के लिए अब 15 दिन का समय बढ़ाया है। अब नगर निगम 30 अप्रैल तक फीडबैक लेगा।
मार्च माह से स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू हो गया था। जिसके बाद नगर निगम ने अलग-अलग टीमें स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए सिटीजन फीडबैक लेने में लगाई थी। अब तक 17 हजार से ज्यादा शहरवासियों का फीडबैक लिया जा चुका है। पहले 15 अप्रैल तक फीडबैक लेने का समय निर्धारित किया गया था। लेकिन, इसके बाद अब फिर से 15 दिन का समय बढ़ाते हुए 30 अप्रैल तक फीडबैक लेने की समयावधि आगे बढ़ा दी गई। स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग में इस बार सुधार के लिए नगर निगम ने पूरा जोर लगा रखा है।
बीते वर्ष हरिद्वार स्वच्छता रैंकिंग में 285 वें स्थान पर आया था। इससे पहले 2020 में 244 वें नंबर पर रहा था। रैंकिंग में पीछे खिसकने के बाद इस साल क्षेत्रों में चौकियां स्थापित करने के साथ ही कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन सहित कई व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है। अब फीडबैक के बाद केंद्र की टीम शहर की व्यवस्था को परखेगी। इसी महीने के अंत तक टीम हरिद्वार पहुंच सकती है। नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था बिल्कुल दुरुस्त है। फीडबैक लेने की समयावधि बढ़ा दी गई है। केंद्र की टीम कब पहुंचेगी ये निर्धारित नहीं है।