नेशनल सेंटर फॉर कोल्ड चेन डेवलपमेंट मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर की ओर संचालित एनसीसीडी (नेशनल सेंटर फॉर कोल्ड चैन डेवलपमेंट) की ओर से सुभाषनगर स्थित ज्ञानदीप आईटीआई में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
जिसमें केमिकल से पकाए जाने वाले फलों के सेवन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के बारे बताया। दो दिन तक चलने वाली कार्यशाला का शुभारंभ राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित एवं संस्थान के निदेशक डा. वासुदेव पंत ने किया। उन्होंने कहा कि फलों पर कीटनाशक और तमाम तरह के केमिकलों को इस्तेमाल हो रहा है।
ऐसे फलों का सेवन करने से शरीर में भी यह केमिकल पहुंच जाते हैं। जिससे गंभीर बीमारियां हो जाती है। उन्होंने कहा कि फलों का सेवन करने से पूर्व उन्हें अच्छी तरह से धोया जाए। साथ ही फलों को छीलकर ही उन्हें खाया जाए तो यह बेहतर होगा। प्रशिक्षण प्रभारी दीपांकुर और शैलेंद्र पंत ने नेचुरल ढंग से फलों को पकाए जाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर सद्दाम, शाहवेज, रविकुमार, पंकज कुमार, मोहम्मद हारुन, शिवानी, अनुराग शर्मा आदि ने विचार रखे।