सभ्ाागार पर ताला जड़ने पर बाहर बैठक करते मेयर।
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हरिद्वार। नगर निगम बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2016-17 का करोड़ों रुपये का आय-व्यय बजट दो मिनट में ही पारित कर दिया। कांग्रेस पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार किया और सभागार पर ताला जड़ बरामदे में दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। उसके बाद मेयर मनोज गर्ग ने खुले आसमान के नीचे दरी पर बैठकर औपचारिकताएं पूरी की।
शनिवार को होने वाली कार्यसमिति की बैठक के हंगामेदार होने के आसार पहले से नजर आ रहे थे। सुबह करीब साढ़े दस बजे कांग्रेसी पार्षद नगर निगम पहुंचे और सभागार पर पहुंचकर ताला लगा दिया। उसके बाद सभागार के बाहर कुर्सियां लगाकर धरने पर बैठ गए। मेयर मनोज गर्ग ने सुबह 11 बजे पहले सभागार के बरामदे में भाजपाई कार्यसमिति के सदस्यों की बैठक करके बजट प्रस्ताव पर मुहर लगवाई। उसके बाद दोपहर साढ़े 12 बजे मेयर अपनी पार्टी के 20 पार्षदों को लेकर सभागार के बाहर पहुंच गए।
लेकिन सभागार में ताला लगा होने और बरामदे में कांग्रेसी पार्षदों का धरना-प्रदर्शन होने पर मेयर को खुले आसमान के नीचे दरियां बिछवाकर बैठक की औपचारिकताएं पूरी की और बिना पढ़े- सुने प्रस्तावित 72 करोड़ 76 लाख 31 हजार 640 रुपये का आय-व्यय का बजट बहुमत से पारित कर दिया। इस दौरान नगर आयुक्त विप्रा त्रिवेदी, शनिवार को ज्वाइनिंग देने वाली अपर नगर आयुक्त, नुुपूर वर्मा, कोषाधिकारी रत्नेश कुमार आदि ने भी बैठक में उपस्थिति दर्ज करवाई। इनसेट
विकास न होने का ठीकरा कांग्रेस के सिर फोड़ा
कांग्रेसी पार्षदों के विरोध प्रदर्शन और सभागार में ताला लगाने की भर्त्सना करते हुए मेयर मनोज गर्ग ने कहा कि तीन माह में कोई काम नहीं होने की असली गुनहगार कांग्रेस पार्षद और उसकी प्रदेश सरकार है। जो भी प्रस्ताव भेजे जाते हैं शासन में लटका दिए जाते हैं। भगत सिंह चौक के पास शहीद पार्क बनाने के लिए पैसा नहीं दिया गया। भवन निर्माण का स्वीकृत 5 करोड़ 60 लाख रुपये कांग्रेस के कुछ नेताओं ने अवमुक्त नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि सभागार को खुलवाने के लिए डीएम, एसएसपी और नगर आयुक्त से भी कहा गया था, लेकिन किसी ने भी कार्रवाई नहीं की।