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बीएएमएस के छात्रों ने किया हंगामा

Fri, 08 Jul 2016 11:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
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हंगामा - फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। आयुर्वेदिक कालेज विश्वविद्यालय से संबद्ध आयुर्वेदिक परिसर के बीएएमएस के छात्रों की ईयर बैक लगाए जाने पर विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने ऋषिकुल परिसर में अस्पताल की ओपीडी, कार्यालय बंद करा दिए।
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आयुर्वेदिक कालेजों के बीएएमएस के द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं ने सप्लीमैंटरी परीक्षा के लिए आवेदन किया था। विवि से संबद्ध चार कालेजों के 75 छात्र-छात्राओं को परीक्षा में शामिल होना था। विवि की ओर से दो महीने पहले परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर करते हुए देहरादूून में ही विवि परिसर में ही परीक्षा के लिए केंद्र बना दिया। छात्रों ने मांग की थी कि उनके कालेजों में ही केंद्र बनाए जाए। विवि प्रशासन की ओर से परिसर में ही बने केंद्र पर परीक्षा देने को कहा गया। इस पर अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा छोड़ने के दो महीने बाद अब परीक्षा परिणाम जारी हुआ तो सभी की ईयर बैक लगा दी गई। इससे गुस्साएं छात्र-छात्रों ने शुक्रवार को ऋषिकुल कालेज परिसर में पहले प्रशासन से वार्ता करने का प्रयास किया। वार्ता न होने पर उन्होंने कालेज के कार्यालय बंद कराएं, बाद में अस्पताल की ओपीडी बंद करा दी। इस पर भी कोई प्रतिक्रिया न होने पर छात्रों ने मुख्य गेट बंद कर वही पर धरना कर बैठ गए। करीब आधे घंटे में नगर कोतवाली प्रभारी योगेंद्र सिंह भदौरिया मय पुलिस के मौके पर पहुंचे। उन्होंने कालेज के प्राचार्य प्रो. एन पांडेय से वार्ता की। प्राचार्य के विवि प्रशासन से वार्ता करने के आश्वासन पर छात्रों ने गेट खोला और कक्षाओं में चले गए। इस मौके पर अजय सहगल, विपिन कुमार, सचिन, प्रेरणा सैनी, उपासना मिश्रा, प्रीति नागर, सोनल चौहान, श्वाति मेहरा, अजय सहगल, दीपक कुमार, मोहम्मद अकरम, मोहम्मद साजिद, जावेद अनवर, सार्थक चौधरी, प्रियंका शाह, हेमराज जरदारी, निशांत कुमार, अंकित, अजय, इरफान, प्रवीण कुमार आदि शामिल हुए।

एक छात्र ने बिगाड़ा माहौल
ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज के एक छात्र ने माहौल बिगाड़ा है। दो साल पहले भी उसने अन्य छात्रों को उकसाते हुए परीक्षा छुड़वा दी थी। इससे उनका एक साल बर्बाद हो गया । इस बार भी इसी छात्र के कहने पर परीक्षा छोड़ दी थी। जबकि निष्पक्षता के लिए विवि में केंद्र बनाया गया था। अब 75 छात्र-छात्राओं का एक साल बर्बाद होने के कगार पर है। प्राचार्य डा. एके पांडेय का कहना है कि सभी को इस छात्र से दूर रहने को सलाह दी गई है।
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