हरिद्वार। सरकारी संस्थानों के निजीकरण के विरोध में भीम आर्मी एकता मंच के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार पर निजीकरण की आड़ में आरक्षण व्यवस्था को समाप्त करने की साजिश का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से निजीकरण के फैसले को वापस लेने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है।
भीम आर्मी एकता मंच ने बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। संगठन के विधानसभा अध्यक्ष विशाल प्रधान ने कहा कि रेलवे और भेल के साथ सरकार विभिन्न सरकारी संस्थानों का निजीकरण करने जा रही है। उन्होंने बताया इससे देश की आने वाली पीढ़ी के लिए रोजगार का संकट पैदा हो जाएगा। खासकर आरक्षण केे समाप्त करने की रणनीति के तहत सरकार यह काम कर रही है।
नगर अध्यक्ष आशीष कुमार ने कहा कि उनकी मांग है कि सरकारी संस्थानों के निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्रों में भी आरक्षण व्यवस्था लागू होनी चाहिए। वहीं समीर वैध ने मांग की कि ठेका प्रथा को समाप्त करने के साथ सफाई कर्मचारी पदों पर स्थायी नियुक्ति की जाए। कार्यकर्ताओं ने तीनों कृषि अध्यादेशों की वापस लेने की मांग भी की। प्रदर्शन के दौरान संगठन के विधानसभा उपाध्यक्ष रजनीश कुमार, राशिद अली, सत्या सेमल, लोकेश गिरी, मनजीत नौटियाल, आशु चंचल, अम्बरीश कुमार, सोनू वाल्मीकि, कृष्णा वाल्मीकि, सतीश वाल्मीकि, भूषण, टिंकल कोरी, सोनू कुमार आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने लगाया जाम
पथरी। गांव जियापोता में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकारी संस्थानों के निजीकरण से अनुसूचित जाति के लोगों के आरक्षण की व्यवस्था खत्म हो जाएगी। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने हरिद्वार लक्सर मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। बाद में तहसीलदार आशीष घिल्डियाल ने प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर ज्ञापन लिया। जियापोता में आंबेडकर पार्क में भीम आर्मी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर सरकार के निजीकरण के फैसले का विरोध किया। प्रदर्शन करने वालों में भीम आर्मी के जिला महासचिव विकास रवि, जिला उपाध्यक्ष खुर्शीद हसन, विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष धर्मेश कुमार, विधानसभा क्षेत्र उपाध्यक्ष प्रवेज, ग्राम अध्यक्ष पंकज कुमार, अंकित पेगवाल, सचिन कुमार,सननी कुमार, मास्टर मुराद अली, कुलदीप कुमार आदि लोग शामिल रहे है।