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मातृसदन ने बैरंग लौटाई मेडिकल टीम

Thu, 10 Nov 2016 10:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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गंगा में अवैध खनन पर पूर्ण प्रतिबंध और क्रशरों पर कार्रवाई सहित पांच मांगों को लेकर मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का अनशन बृहस्पतिवार को छठे दिन भी जारी रहा। तहसीलदार सुनैना राणा के मातृसदन पहुंचकर जायजा लेने के बाद एक मेडिकल टीम आत्मबोधानंद का स्वास्थ्य जांचने के लिए आश्रम पहुंची। लेकिन स्वामी शिवानंद ने ब्रह्मलीन स्वामी निगमानंद की शहादत के प्रसंग का हवाला देते हुए टीम को बैरंग लौटा दिया। साथ ही पत्रकार वार्ता में पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल भी उठाए।

स्वामी शिवानंद ने कहा कि गंगा में अवैध खनन लगातार जारी है। चंद पोकलैंड और जेसीबी मशीनों को पकड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन सामग्री लेने वाले क्रशरों पर प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं करता। आरोप लगाया कि पिछले दिनों गंगा सफाई के नाम पर करोड़ों अरबों का खेल खेला गया और अफसर मूकदर्शक बने रहे। स्वामी शिवानंद ने कहा कि हमारी कोई मांग नहीं है बल्कि प्रशासन का कर्तव्य है, जिसे मातृसदन को याद दिलाना पड़ रहा है। इस बीच तहसीलदार सुनैना राणा मातृसदन पहुंची और स्वामी शिवानंद और ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद से बातचीत की। कुछ देर बाद ही जिला अस्पताल से डा. अनुपम चतुर्वेदी के नेतृत्व में एक मेडिकल टीम एंबुलेंस लेकर मातृसदन पहुंची और ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद के मेडिकल का आग्रह किया। मगर स्वामी शिवानंद ने कहा कि वर्ष 2013 ब्रह्मचारी निगमानंद के मेडिकल चेकअप के बाद ही उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनकी सुनियोजित तरीके सेे हत्या कर दी गई। इस पर टीम ने पेशाब के सैंपल लेने को कहा। लेकिन स्वामी शिवानंद ने इसके लिए भी साफ इनकार कर दिया। जिस पर टीम को वापस लौटना पड़ा।
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गंगा महोत्सव से सिर्फ पैसे की बर्बादी
स्वामी शिवानंद ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि गंगा महोत्सव कर आयोजन करने वालों को बिशनपुर, भोगपुर जाकर गंगा की दुर्दशा देखनी चाहिए। सिर्फ नाच गाने से गंगा नहीं बचने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि गंगा के नाम पर सिर्फ धन की बर्बादी की गई है, गंगा को इससे कोई लाभ नहीं हुआ है।
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यह हैं मातृ सदन की पांच मांगें
हरिद्वार में गंगा और गंगा किनारे खनन प्रतिबंध का कड़ाई से पालन हो। ईमानदार अधिकारियों की टीम गठित कर गंगा में खनन प्रभावित जगहों का मुआयना किया जाए। मातृसदन और मीडिया प्रतिनिधियों को भी उसमें शामिल किया जाए। हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराते हुए क्रशरों को गंगा से पांच किमी दूर हटाया जाए। हरिद्वार में आए दिन वीआईपी आगमन के दौरान पुलिस प्रशासन की व्यस्तता का फायदा माफिया व गैरकानूनी लोग उठा रहे हैं, इसके लिए एक प्रोटोकॉल का गठन किया जाए।
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