- राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-334ए के चौड़ीकरण के लिए लगाई गई थी रोक
- डीएम ने हटाई रोक, प्रतिबंधित खसरों की सूची जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। लक्सर हाईवे के चौड़ीकरण के लिए 23 गांवों की जमीनों की खरीद-फरोख्त पर लगाई गई रोक साढ़े तीन माह बाद खोल दी गई है। डीएम मयूर दीक्षित की ओर से लगाई गई रोक तत्काल हटाने के आदेश जारी किए गए हैं। हालांकि, प्रतिबंधित खसरों की सूची भी जारी गई है। जिन्हें छोड़कर बाकी जमीनों की बिक्री के लिए रजिस्ट्री कराई जा सकेगी।
सात जुलाई को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-334ए (पुरकाजी–लक्सर–हरिद्वार) के चौड़ीकरण एवं निर्माण कार्य को गति देने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने हरिद्वार और लक्सर तहसील के 23 प्रभावित गांवों की जमीनों की खरीदारी पर अस्थाई रोक लगाई थी। इनमें हरिद्वार तहसील के 18 और लक्सर तहसील के पांच गांवों में तब से अब तक जमीनों के बैनामे नहीं हो रहे हो रहे थे, लेकिन, अब चौड़ीकरण के लिए जमीन चिह्नित होने पर खरीद-फरोख्त पर लगाई गई रोक को हटाने के आदेश जिलाधिकारी ने जारी कर दिए हैं।
इससे प्रतिबंधित खसरों को छोड़कर शेष जमीनों के बैनामे कराए जा सकेंगे। प्रतिबंध हटने के बाद हरिद्वार तहसील के टिक्कमपुर, मोहम्मदपुर कुन्हारी, जसोधरपुर, बादशाहपुर शेरपुर भट्टीपुर, बाणगंगा नंबर-2, धमोली उर्फ खेरवाला, शाहपुर शीतलाखेड़ा, भवानीपुर जमालपुर, मुस्तफाबाद, पदार्थ उर्फ धनपुरा, फेरुपुर रामखेड़ा, कटारपुर अलीपुर, किशनपुर, जियापोता, नूरपुर पंजनहेड़ी, जमालपुर कला, मिस्सरपुर मुस्तहकम, जगजीतपुर और तहसील लक्सर के फिदाईपुर, सुल्तानपुर आदमपुर, पुंडरीपुर उर्फ पीपली, बुड़्डाखेड़ा मीमला, अकबरपुर ऊद की जमीन की भूमि को खरीदा जा सकता है।
डीएम की ओर से लगाई गई रोक हटने पर न केवल लोगों की ओर से जमीनों को खरीद-बेचकर रजिस्ट्री कराई जा सकेगी, बल्कि, रजिस्ट्री होने से सरकार को राजस्व भी प्राप्त हो सकेगा। जिलाधिकारी ने बताया कि 23 गांवों की जमीनों की खरीद-फरोख्त पर लगाई गई रोक हटा दी गई है और हरिद्वार व लक्सर तहसील के सबरजिस्ट्रार को निर्देशित किया गया है कि प्रतिबंधित खसरों को छोड़कर संबंधित जमीनों की रजिस्ट्री करना शुरू कर दें।