रोशनाबाद। दो नाबालिग सगी बहनों को बहला-फुसलाकर दिल्ली से हरिद्वार लाकर देह व्यापार के लिए बंधक बनाने के मामले में मुख्य आरोपी की जमानत याचिका एफटीएससी/अपर जिला जज चंद्रमणि राय ने सुनवाई के बाद निरस्त कर दी है।
अभियोजन के अनुसार, 12 सितंबर 2023 को प्रयागराज यूपी से दो सगी बहनें अपने घर से परिजनों को बिना बताए ट्रेन से दिल्ली पहुंची थीं। अगले दिन दिल्ली रेलवे स्टेशन से आलोक दोनों बहनों को काम दिलाने के बहाने हरिद्वार लाया था। आरोप था कि दोनों बहनों को टिबड़ी स्थित कॉलोनी में किराये के मकान में बंधक बनाकर खा था।
ग्राहकों से मोबाइल के माध्यम से पीड़िताओं को देह व्यापार के लिए बेचने की बात सुनकर पीड़ित बहनों ने मकान मालिक को सारी बातें बताई थी। मकान मालिक ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी आलोक को दबोच लिया था।
उसकी निशानदेही पर एक महिला समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। कोतवाली रानीपुर में तैनात एसआई जयवीर सिंह रावत ने पीड़िताओं द्वारा बताई गई घटना के आधार पर मुख्य आरोपी आलोक निवासी थाना जमुना, जिला फर्रुखाबाद यूपी और अन्य के खिलाफ षड्यंत्र रचकर, बहला-फुसलाकर लाकर देह व्यापार के लिए बंधक बनाकर रखने का केस दर्ज कराया था।
अभियोजन पक्ष ने केस में दोनों सगी बहनों की गवाही कोर्ट में करा दी है। अभियोजन पक्ष व बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीएससी चंद्रमणि राय ने मुख्य आरोपी आलोक की जमानत याचिका सुनवाई के बाद निरस्त कर दी।