मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से वार्ता का संकेत नहीं मिलने पर मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने शुक्रवार से इलेक्ट्रोल लेना छोड़ दिया है। आज (शनिवार) से वह जल का भी त्याग कर देंगे। अवैध खनन के खिलाफ स्वामी शिवानंद 21 मई से अनशन पर हैं।
22 मई से उन्होंने जल का त्याग कर दिया था लेकिन बीच में शासन की ओर से वार्ता का न्यौता मिलने पर उन्होंने जल और इलेक्ट्रोल लेना शुरू कर दिया था। दो जून को अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा अधिकारियों के साथ मातृसदन पहुंचे और स्वामी शिवानंद से करीब डेढ़ घंटे तक वार्ता की थी।
स्वामी शिवानंद का कहना है कि उस दिन रायवाला से भोगपुर तक गंगा में खनन बंदी पर सहमति बन गई थी। अधिकारियों की ओर से कहा गया था कि एक-दो दिन में मुख्यमंत्री हरीश रावत मातृसदन आकर अनशन समाप्त करवाएंगे।
लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी मुख्यमंत्री की ओर से कोई संकेत नहीं मिल रहा है। मातृसदन के संत ब्रह्मचारी दयानंद का आरोप है कि स्टोन क्रशर मालिकों की ओर से मुख्यमंत्री पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसको देखते हुए स्वामी शिवानंद सरस्वती ने इलेक्ट्रोल लेना बंद कर दिया है। आज से वह जल का त्याग भी कर देंगे।
खनन समर्थकों का धरना जारी
सतीकुंड पर खनन समर्थकों का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। बाल गोपाल बाबा अनशन कर रहे हैं। अनशन कर रहे बालगोपाल का मेडिकल चेकअप करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम शुक्रवार को सतीकुंड पहुंची लेेकिन उन्होंने चेकअप कराने से मना कर दिया।
उन्होंने कहा कि पहले स्वामी शिवानंद के स्वास्थ्य का चेकअप किया जाए। मौके पर रोहिताश्व सिंह, मणि कश्यप, रामकुमार, सुभाष, राजेश कुमार आदि उपस्थित रहे।