अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। इन दिनों चल रही धान की फसल की क्राॅप कटिंग से मिलने वाले नतीजों का भी इंतजार किया जा रहा है। शासन की ओर से ओलावृष्टि में फसलों को हुए नुकसान के लिए प्रभावित किसानों को अतिरिक्त सहायता दिए जाने की घोषणा की है।
इस बार मानसून के साथ ही सितंबर और अक्तूबर माह में बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि से भी क्षेत्र में धान और गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है। प्रभावित किसान और किसान संगठनों की ओर से मुआवजा दिए जाने की मांग की गई है। मुख्यमंत्री ने इस बाबत घोषणा की है। इसके बाद प्रशासन अब बारिश, जलभराव और ओलावृष्टि से फसलों को हुई क्षति का आकलन कराने की तैयारी कर रहा है।
इसमें धान की फसल को अधिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि शासन की ओर से धान और गेहूं की फसल का औसत उत्पादन जानने के लिए क्राॅप कटिंग कराई जाती है। सहायक कृषि अधिकारी शेरपाल सिंह ने बताया कि क्राॅप कटिंग से औसत उत्पादन और फसल को हुए नुकसान की जानकारी मिल सकती है। बीमा योजना के साथ ही शासन स्तर से भी फसल को हुए नुकसान पर प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलने की व्यवस्था है। इसके लिए उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार फसलों को हुई क्षति का आकलन कराया जाएगा।