सीवर के सैप्टिक टैंक वाले आश्रमों, धर्मशालाओं एवं होटलों को अगले 24 घंटे के बाद बंद करने की कार्रवाई जिला प्रशासन शुरू कर देगा। उच्च न्यायालय नैनीताल के 17 मार्च के अंतरिम आदेश का अनुपालन कराने के लिए जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन की ओर से नगर आयुक्त की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। जिला प्रशासन की कमेटी ने पूर्व में 79 आश्रम, धर्मशाला और होटल चिह्नित किए थे।
इन प्रतिष्ठानों ने अवैध रूप से सैप्टिक टैंक का उपयोग किया जा रहा था। उनको सैप्टिक टैंक के स्थान पर सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) लगाने एवं सैप्टिक टैंक का डिस्पोजल सरकारी टैंकर से कराने का नोटिस दिया गया था। उन्हें 24 घंटे के अंदर नोटिस के अनुपालन का साक्ष्य प्रस्तुत करना होगा। जल संस्थान की अनुरक्षण शाखा की ओर से दिए गए नोटिसों को अधिकतर आश्रम, धर्मशाला वालों ने तव्वजों नहीं दी है। इसलिए कमेटी ने जिलाधिकारी के निर्देश पर अब उन सभी को 24 घंटे के अंदर सैप्टिक टैंक बंदी का नोटिस देने का निर्णय बुधवार की बैठक में लिया है। कमेटी निर्णायानुसार कमेटी के अध्यक्ष और नगर आयुक्त की ओर से अनुरक्षण शाखा द्वारा बुधवार से ही बंदी नोटिस देना शुरू कर दिया गया है और बृहस्पतिवार तक सभी को बंदी का नोटिस थमा दिया जाएगा। नोटिस प्राप्ति के 24 घंटे के अंदर सैप्टिक टैंक वाले आश्रम, धर्मशाला आदि प्रतिष्ठानों ने एसटीपी स्थापित करने या सरकारी टैंकर से सीवर का डिस्पोजल कराने का साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया तो फिर जिला प्रशासन उन प्रतिष्ठानों को बंद कर देगा। सरकारी टैंकर से डिस्पोजल के साक्ष्य के तौर पर उन्हें जल संस्थान की अनुरक्षण शाखा में जमा टैंक शुल्क की रसीद प्रस्तुत करनी होगी।
पूर्व के नोटिसों का तव्वजों ने न देना पड़ा भारी
जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने उच्च न्यायालय नैनीताल के 17 मार्च के अंतरिम आदेश का अनुपालन कराने के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। नगर आयुक्त अशोक पांडेय को इस कमेटी का अध्यक्ष और जल संस्थान की अनुरक्षण शाखा के अधिशासी अभियंता अजय कुमार, निर्माण एवं अनुरक्षण शाखा के परियोजना प्रबंधक आरके जैन, पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी को सदस्य बनाया गया है।