हरिद्वार। विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक और श्रीराम मंदिर आंदोलन के मुख्य भूमिका में रहे अशोक सिंहल की अस्थियां रविवार को गंगा में प्रवाहित की गई। इससे पहले कनखल स्थित पूर्णानंद आश्रम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भारी जनसमूह ने अस्थिकलश पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। अशोक सिंहल के अस्थिकलश शनिवार रात दिल्ली से हरिद्वार लाए गए थे। सुबह अस्थिकलश निष्काम सेवा ट्रस्ट से कनखल स्थित पूर्णानंद आश्रम लाए गए। जहां विभिन्न जिलों से पहुंचे विभिन्न हिंदू संगठनों और संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने ‘अशोक सिंहल अमर रहे और कसम राम की खाते हैं मंदिर वहीं बनाएंगे’ के जयघोष के बीच दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। करीब दो घंटे तक चली सभा के बाद अस्थि कलश यात्रा संन्यास रोड से शंकराचार्य चौक, डामकोठी, तुलसी चौक, शिवमूर्ति चौक, अपर रोड होते हुए हरकी पैड़ी पहुंची। यहां पंडित आशीष गौतम और हरिओम जयवाल ने विधि विधान के साथ कर्मकांड कराए। विहिप के अंतरराष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेश चंद्र और अन्य कार्यकर्ताओं ने अस्थियां गंगा में प्रवाहित की। अस्थि कलश यात्रा के दौरान वेदपाठी ब्राह्मणों ने मंत्रोचार किया। शहर में जगह-जगह लोगों ने अस्थि कलश पर फूल वर्षा की।
इससेे पहले श्रद्धांजलि सभा में महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि अशोक सिंहल ने हिंदुत्व की रक्षा के लिए अपना जीवन पूरी तरह अर्पित किया था। उनके अधूरे कार्यों को पूरा करना अब हम सभी की जिम्मेदारी है। महानिर्वाणी अखाड़े के संत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि सिंहल के संतों और अखाड़ों से गहरा नाता था। प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत और सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया। विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र पंकज, प्रांत संगठन मंत्री डॉ. अनिल कुमार, संगठन मंत्री करुणेश प्रकाश, स्वामी प्रेमानंद, स्वामी देवानंद, स्वामी सोमेश्वरानंद, माता पूर्णागिरि, स्वामी ललितानंद, स्वामी रामेश्वर दास, साध्वी गंगादास आदि संतों के अलावा हरिद्वार के विधायक मदन कौशिक ,स्वामी यतीश्वरानंद, संजय गुप्ता, आदेश चौहान, चंद्रशेखर भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश राठौर, मेयर मनोज गर्ग गंगासभा के महामंत्री रामकुमार मिश्रा, आशुतोष शर्मा विरेंद्र कीर्तिपाल आदि लोगों ने श्रद्धांजलि दी।