हरिद्वार। अर्द्धकुंभ अवधि में चार संदिग्ध आतंकी पकड़े जाने पर हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर विस्फोट की योजना के मामले को गंभीरता से लेते हुए रविवार से 18 अप्रैल तक पार्सल पर फिर से रोक लगा दी गई है। पार्सल सोमवार से हरिद्वार रेलवे स्टेशन से बुक नहीं किए जाएंगे, जबकि जो पहले बुक हो गए हैं वह आते-जाते रहेंगे। इससे व्यापारियों की फिर से परेशानी बढ़ जाएगी।
हरिद्वार के लंढौरा और मंगलौर से जनवरी महीने में चार युवक आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने पर गिरफ्तार किए गए थे। उन्होंने पूछताछ में कबूला था कि वह भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में विस्फोट करने की योजना बना रहे थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 22 जनवरी से 30 अप्रैल तक पार्सल के आने जाने पर रोक लगायी गई थी, लेकिन पार्सल व्यापारियों की मांग पर एक महीने बाद दोबारा से पार्सल की पुरानी व्यवस्था को बहाल कर दिया गया था, लेकिन अब अप्रैल में लगातार कई स्नान होने पर रेलवे के अधिकारियों ने सुरक्षा के दृष्टिगत फिर से पार्सल बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। अब सोमवार से 18 अप्रैल तक पार्सलों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है।
रोजाना आते हैं 600 तक पार्सल
रेलवे स्टेशन हरिद्वार पर प्रतिदिन 500 से 600 पार्सल आते हैं। इतने ही यहां से बाहर के लिए बुक किए जाते हैं। इनसे करीब ढाई से तीन लाख रुपये प्रतिदिन की आमदनी होती है। स्टेशन पर बाहर से अधिक सामान आता है, क्योंकि प्रदेश का द्वार होने के चलते हरिद्वार में यात्री अधिक आते है।
पार्सल चार अप्रैल से लेकर 18 अप्रैल तक बंद रहेंगे। देश के सभी रेलवे स्टेशनों पर तीन अप्रैल के बाद हरिद्वार के लिए कोई पार्सल बुख नहीं होगा। यह निर्णय सुरक्षा की दृष्टिगत लिया गया है।
-प्रमोद कुमार, डीआरएम, मंडल मुरादाबाद।
दोपहिया वाहन की पार्किंग नहीं
रेलवे स्टेशन पर 22 जनवरी से पार्किंग की समस्या चल रही है। निर्माण कार्य के चलते हुए सभी तरह की पार्किंग बंद करा दी गई थी। इससे रेलवे पर जाने वाले आमजन को बड़ी परेशानी उठानी पड़ रही थी। करीब एक महीने पहले निर्माण कार्य होने पर कार पार्किंग शुरू कर दी गई थी, लेकिन 22 जनवरी से दो पहिया वाहन पार्किंग शुरू नहीं हो पाई है। इससे बड़ी समस्या यह हो गई है कि कार तो स्टेशन पर जा सकती है, लेकिन बाइक नहीं जबकि स्थानीय निवासी सबसे अधिक बाइक से जाते हैं। डीआरएम प्रमोद कुमार ने बताया कि रेलवे स्टेशन परिसर में बाइक पार्किंग स्थल पक्का बनाया जा रहा है। हालांकि अर्द्धकुंभ अवधि में इस स्थान को श्रद्धालुओं के लिए प्रयोग किया जाएगा। अब दो पहिया पार्किंग अर्द्धकुंभ के बाद ही शुरू हो पाएगी।