हरिद्वार। अर्द्धकुंभ मेले में प्रशासन की व्यस्तता का लाभ उठाकर शहर में धड़ाधड़ अवैध निर्माण किए जा रहे हैं। भूकंपीय लिहाज से हरिद्वार जोन चार में है। इसके बावजूद बिल्डर आदि इस खतरे की अनदेखी कर बिना मानचित्र स्वीकृत गगनचुंबी व्यावसायिक इमारतें धड़ाधड़ बना रहे हैं। अनाधिकृत निर्माण से कई जगह जलनिकासी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। छह माह से हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) के अधिकारी-कर्मचारी भी मेला कार्यों में व्यस्तता का बहाना बनाए हुए हैं।
आवास विकास परिषद की रानीपुर मोड़ की दोनों आवासीय कालोनियों में बहुमंजिले निर्माण और बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों ने लोगों का सुकून छीन हुआ है। हाईकोर्ट एवं एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ाकर गंगा किनारे अवैध निर्माण लगातार हो रहे हैं। मायापुर में डामकोठी के सामने से श्रवणनाथ नगर से विष्णुघाट तक गंगा किनारे के अवैध निर्माण अॅथारिटी का मुंह चिढ़ा रहे हैं। कहने के लिए एक निर्माण तीन बार सील किया गया लेकिन अब यह निर्माण छह मंजिल बनकर तैयार हो चुका है। गंगा की प्रतिबंध की सीमा में भल्ला रोड पर बिल्डर की ओर से बहुमंजिला व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा है। शनिदेव मंदिर दूधाधारी मंदिर के पास बेसमेंट के साथ एक निर्माण खड़ा हो गया है। बिरला फार्म, हरिपुर कलां मेें अवैध रूप से छह-छह मंजिली इमारतें धड़ाधड़ बनाई और बेची जा रही हैं। खड़खड़ी में वेद निकेतन के पास सील की गई दुकानें कब की खुल चुकी हैं। नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने इन अवैध निर्माणों के संबंध में एचआरडीए को पत्र भेजा था। लेकिन कुछ नहीं हुआ। खड़खड़ी में मुख्य सड़क के साथ कई बड़े व्यावसायिक निर्माण 4-6 माह के अंदर खड़े हुए हैं। हरकी पैड़ी कांगड़ा मंदिर के पास एक पुराना भवन होटल में परिवर्तित हो चुका है। इसके आसपास और पहाड़ पर अवैध निर्माणों को एचआरडीए अनदेखा कर रहा है। शिवालिक नगर, कनखल, जगजीतपुर, ज्वालापुर सराय क्षेत्र में कई बड़े निर्माण हुए हैं।
सीलिंग की कार्रवाई बेमानी
हरिद्वार। एचआरडीए अधिकारियों की ओर से अनाधिकृत निर्माणों पर कई बार सील लगाई। लेकिन यह कार्रवाई निष्प्रभावी साबित हो रही है। ऐसे कई निर्माण हैं जिन्हें सील किया गया लेकिन उनमें काम रुका नहीं। बड़ा बाजार के पास सील किया एक भवन कुछ दिनों में बनकर तैयार हो गया। इसके अलावा बिरला घाट के पास भी पिछले दिनों एक भवन को सील किया गया था। यहां भी भवन का निर्माण नहीं रुका अब वहां बहुमंजिला भवन खड़ा हो गया है।
इनका कहना है
अर्द्धकुंभ मेला कार्यों में पूरा स्टाफ लगा हुआ है। इसके बाद भी अवैध निर्माण की शिकायत मिलने पर जेई, एई को मौके पर भेजा जाता है। कई निर्मार्णों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए और कुछ को रोका भी गया है। इसके बावजूद कई ऐसे निर्माण हैं जिनके खिलाफ सील की कार्रवाई होनी है। मेले से दो-चार दिन की फुर्सत मिली है। इस दौरान कुछ निर्मार्णों के विरुद्ध सील की कार्रवाई की तैयारी है।
-निधि यादव, सचिव, हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण।