अपर जिलाधिकारी प्रशासन पीएल शाह की अध्यक्षता में नारको कोआर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की जनपद स्तरीय समिति की बैठक हुई। एडीएम ने छात्रों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति की रोकथाम के लिए शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग्स कमेटी बनाने और बच्चों को नशे के खिलाफ मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शिक्षण संस्थानों में नियमित परामर्श सत्र चलाने के निर्देश दिए।
कलक्ट्रेट सभागार में बैठक में अपर जिलाधिकारी ने नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक एक्ट 1985 में वर्णित प्रावधानों के अंतर्गत नशे की प्रवृत्ति, भांग, चरस, अफीम आदि की बिक्री रोकने पर संबंधित विभागों की ओर से बनी रणनीति की जानकारी ली। इसके बाद अधिकारियों से कहा कि नशे की बिक्री वाले स्थानों को चिह्नित किया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य, कृषि, वन, शिक्षा, नारकोटिक्स ब्यूरो, पुलिस की संयुक्त टीम बनाई जाए।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति की रोकथाम के लिए शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग्स कमेटी का गठन किया जाए। संस्थान के जागरूक छात्र, अभिभावकों, शिक्षकों एवं प्रधानाचार्य को सदस्य बनाया जाए। नशे के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक किया जाए। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि नशे के विरुद्ध जागरूकता लाने और उसकी रोकथाम में सराहनीय भूमिका निभाने वाले शिक्षण संस्थानों को प्रोत्साहन राशि दी जाए। बच्चों को नशे के विरुद्ध मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शिक्षण संस्थानों में नियमित परामर्श सत्र चलाया जाए। मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी लगाने, राज्य स्तरीय पोर्टल पर सभी तरह की सूचनाएं उपलब्ध कराने, नियमित रूप से तहसील स्तर पर भी बैठकें आयोजित करने, नशा मुक्ति केंद्रों की सूचनाओं का आदान-प्रदान करने के निर्देश दिए। बैठक में उप जिलाधिकारी भगवानपुर बृजेश तिवारी, उप जिलाधिकारी पूरण सिंह राणा, उप जिलाधिकारी लक्सर गोपाल राम बिनवाल, एएसडीएम रुड़की विजयनाथ शुक्ल, एसीएमओ डा. एचडी शाक्य, मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता, समाज कल्याण अधिकारी टीआर मलेठा, डिप्टी एसपी निहारिका, सहायक कृषि अधिकारी मौजूद रहे।