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अनदेखी : उधार के भवन में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र

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फोटो :
बच्चों को नहीं मिल पा रहे पूरे लाभ, बाल विकास योजनाओं पर उठ रहे सवाल
पार्षद ने उठाया मुद्दा, फिर भी हरिलोक आंगनबाड़ी केंद्र को नहीं मिली स्वीकृति
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। नगर निगम के वार्ड नंबर 60 हरिलोक कॉलोनी में आंगनबाड़ी केंद्र उधार के भवन में संचालित हो रहा है। स्थायी भवन के अभाव में बाल विकास विभाग की योजनाओं पर सवाल उठ रहे हैं। शासन के पास बजट न होने से भवन निर्माण में देरी हो रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र के लिए स्थायी भवन न होने से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पोषण लाभार्थियों को दी जाने वाली सेवाओं में बाधा आ रही है। बच्चों को बेहतर पोषण, प्री-स्कूल शिक्षा और सुरक्षा की सुविधा नहीं मिल पा रही है। गर्भवती और धात्री महिलाओं को भी सभी लाभ एक ही स्थान पर नहीं मिल पाते हैं। इस कारण महिला एवं बाल विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है।
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पार्षद ने उठाया मुद्दा फिर भी नहीं मिली स्वीकृति
वार्ड की पार्षद आकर्षिका शर्मा ने 21 नवंबर 2025 को बाल विकास योजना अधिकारी, आईसीडीएस परियोजना, हरिद्वार को पत्र लिखकर स्थायी भवन की मांग की थी। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि वर्तमान समय में आंगनबाड़ी केंद्र के लिए स्थायी भवन उपलब्ध नहीं है। उन्होंने भवन निर्माण से होने वाले लाभों को भी रेखांकित किया था। हालांकि, उनके इस प्रस्ताव पर अभी तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। वार्ड नंबर 60 हरिलोक में चल रहा नगर के सबसे बड़े वार्ड का आंगनबाड़ी केंद्र महज दिखावे का रह गया है। महिला एवं बाल विकास के दावे हवाई दिख रहे हैं। पार्षद का कहना है कि उन्होंने वार्ड में खाली पड़ी सरकारी भूमि को चिह्नित करते हुए उसके कागजात के साथ प्रस्ताव सौंपा है। उनका कहना है कि यदि प्रशासनिक स्तर से पहल हो तो आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण का रास्ता खुल सकेगा।
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बयान...
वार्ड में आंगनबाड़ी केंद्र के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को प्रेषित किया जाएगा। फिलहाल, पहले टीम के साथ स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इसमें भूमि की उपलब्धता और अन्य महत्वपूर्ण बिंदू पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। भवन निर्माण के लिए कार्यवाही जल्द पूरी की जाएगी। - अविनाश भदौरिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी हरिद्वार
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