रैनसमवेयर वायरस के साइबर हमले के चलते शहर के अधिकांश एटीएम में नगदी नहीं डाली जा सकी। तो वहीं दूसरी ओर साइबर हमले से चिंतित बैंक से नेट बैंकिंग करने वाले उपभोक्ता अपने खाते से सुविधा को हटवाने के लिए दौड़ पड़े। लोग मेल आईडी तक खोलने तक हिचकाते रहे। नेट की गति भी धीमी पड़ी रही।
वायरस के हमले के खतरे को भांपते हुए किसी भी बैंक के एटीएम में नगदी नहीं डाली जा सकी। लगातार तीन दिनों से किसी भी एटीएम में नगदी नहीं होने से उपभोक्ता परेशान रहे। पीएनबी मायापुर शाखा के सहायक धीरज बिष्ट ने बताया कि उच्च अधिकारियों के दिशा निर्देश पर एटीएम से कोई लेनदेन न करने की सलाह दी गई है। इसी के चलते किसी भी एटीएम में नगदी नहीं डाली जा सकी है। बैंकों में नेट बैंकिंग से लेनदेन करने वाले उपभोक्ता सुविधा को बंद कराने के लिए पहुंचे। एसबीआई, पीएनबी, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई आदि बैंकों में अधिक धनराशि से लेनदेन करने वाले उपभोक्ता परेशान रहे। अधिकारियों ने तत्काल से नेट बैंकिंग बंद करने में असमर्थता जता दी तो उपभोक्ता बैंकों की मुख्य शाखाओं में पहुंचे, लेकिन वहां पर भी इंकार कर दिया गया।
डाटा डाउनलोड तक नहीं
आर्यनगर चौक पर एक एजेंसी चलाने वाले दीपक गुप्ता ने बताया कि वायरस के प्रकोप से विंडो एक्सपी बड़ी मुश्किल से चालू हुई, लेकिन कंपनी के सर्वर से भेजी गई मेल न तो रिसीव हुई और न ही भेजी जा सकी।
रेलवे और बैंकों में कोई दिक्कत नहीं
बैंकों और रेलवे के अधिकारियों ने वायरस से हुए साइबर हमले से किसी भी प्रकार का नुकसान न होने की बात कही। रेलवे स्टेशन अधीक्षक एमके सिंह ने बताया कि रेलवे में रिजर्वेशन वेबसाइट या सर्वर ठीक चलता रहा। लीड बैंक मैनेजर केएस पॉल ने बताया कि बैंकों का सर्वर ठीक चलता रहा। अभी तक उनके सर्वर सुरक्षित है।