प्रयागराज में कुंभ को लेकर बैठक करते संत ।
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण शुरू होने के साथ काशी और मथुरा को मुक्त कराने का एलान कर दिया। परिषद ने राष्ट्रीय सेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) से लड़ाई में सहयोग मांगा है। उधर हरिद्वार के बैरागी अणि अखाड़े के चार मंदिरों को तोड़ने संबंधी आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में कानूनी लड़ाई के लिए परिषद के महामंत्री श्रीमहंत स्वामी हरि गिरि को अधिकृत किया है।
सोमवार को प्रयागराज के श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में हुई अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की आपात बैठक में आठ प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक में अयोध्या के बाद अब काशी और मथुरा के मंदिरों को मुक्त कराने की रणनीति तैयार की गई है। अखाड़ा परिषद ने मुस्लिम समाज से काशी और मथुरा को स्वेच्छा से हिंदुओं को सौंपने की अपील दोहराई।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि और महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि ने कहा है कि आम सहमति नहीं बनने पर संवैधानिक तरीके से कोर्ट के माध्यम से कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। परिषद ने प्रयागराज में जनवरी में होने वाले माघ मेले पर रोक न लगाने की अपील की है। परिषद ने केंद्र और राज्य सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक माघ मेले का आयोजित कराने को कहा है। परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि ने कहा कि कुंभ 2019 से शुरू हुई प्राचीन प्रयागराज परिक्रमा इस बार भी माघ मेले के दौरान होगी, इसके लिए जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार का सहयोग जरूरी है। महंत नरेंद्र गिरि ने कहा है कि महाराष्ट्र में साधु असुरक्षित हैं और उनकी हत्याएं हो रही हैं। पालघर की घटना की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। बैठक में श्रीमहंत प्रेमगिरि, श्रीमहंत राजेंद्र दास, महंत व्यास मुनि, श्रीमहंत महेशपुरी, श्रीमहंत नारायण गिरि, महंत सोमेश्वर, श्रीमहंत सत्यगिरि, श्री महंतधर्मदास आदि मौजूद रहे।