कर्मचारियों से वार्ता करते वन विभाग के अधिकारी ।
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प्रभागीय वनाधिकारी के खिलाफ आंदोलन कर रहे कर्मचारियों पर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया। विभाग ने कर्मचारियों को काम नहीं तो वेतन नहीं का नोटिस जारी कर दिया। धरनास्थल पर कर्मचारियों की निगरानी के लिए विभाग के वर्दीधारी अन्य कर्मचारियों को तैनात कर दिया है। अधिकारियों को आशंका है कि आंदोलनरत कर्मचारी अभिलेखों में छेड़छाड़ कर सकते हैं। इसके बाद भी कर्मचारियों का धरना जारी है। कर्मचारियों ने आज शनिवार को रैली निकालकर सीएम और वन मंत्री को ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया है।
मालूम हो कि नवनियुक्त डीएफओ डीएस मीणा पर कर्मचारियों ने अभद्रता करने का आरोप लगाया था। छह दिसंबर को उत्तरांचल फॉरेस्ट मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन शाखा हरिद्वार के बैनर तले कार्यबहिष्कार कर धरना शुरू कर दिया गया था। कर्मचारियों का कहना है कि डीएफओ का ट्रांसफर किया जाए। कर्मचारी संघर्ष समिति बनाकर डीएफओ कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं। कर्मचारियों को मनाने के लिए अधिकारियों ने कई बार वार्ता की, लेकिन वह नहीं माने।
शुक्रवार को धरने पर समिति के सचिव शेखर चंद्र जोशी ने कहा कि डीएफओ डीएस मीणा की ओर से कर्मचारियों के लिए बनाए गए चेतावनी नोटिस को पढ़कर उनका सुनाकर डराया गया। नोटिस में काम न करने पर वेतन नहीं दिए जाने की धमकी की चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के धरने की निगरानी के लिए वन विभाग कें रेंजरों और कर्म वनकर्मियों को लगा दिया गया है। कर्मचारियों पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वह धरने के दौरान अभिलेखों को कुछ नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे डीएफओ की मानसिकता का पता चलता है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपना उत्पीड़न किसी भी हालत में सहन नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि आज शनिवार को कर्मचारी देवपुरा चौक से सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय तक रैली निकालेंगे। सिटी मजिस्ट्रेट को सीएम और वन मंत्री के नाम ज्ञापन देकर डीएफओ के ट्रांसफर की मांग की जाएगी। इस मौके पर रणवीर सिंह रावत, पुष्पा जोशी, रोशन खान, अवनीश, रामकुमार वर्मा, हरीशचंद्र ध्यानी आदि मौजूद रहे।