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एटीएम के बाद अब बैंक भी कंगाल

Fri, 18 Nov 2016 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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 शहर के एटीएम बिना रुपयों के पहले ही ठप पड़े हैं, अब बैंक भी कंगाल हो गए हैं। शहर के प्रमुख से लेकर सामान्य बैंकों में छोटे नोट की सप्लाई न होने से किसी को मुद्रा ही नहीं मिल सकी। लोग लंबी लाइनों में लगकर कैश आने का इंतजार कर चले गए। लोगों का कहना था कि सुबह से चार घंटे लाइन में खड़े होने के बाद नोट न होने की बात बताई गई।
आरबीआई से किसी भी तरह के नोट नहीं पहुंचने से हरिद्वार में बैंकों की व्यवस्था डगमगा गई। प्रमुख बैंक पीएनबी में सुबह से ही नोट नहीं मिले, जबकि उम्मीद से लोग सुबह तड़के से ही लाइन लगाकर बैंक खुलने का इंतजार कर रहे थे। उन्हें निराश लौटना पड़ा। केवल पैसे जमा करने वालों को ही लाइन में लगने को कहा गया।  इसके बाद पूरे दिन लोग आते जाते रहे, लेकिन कुछ नहीं मिला। कई लोग इस उम्मीद से पहुंचे कि बैंक में आज भीड़ नहीं है, लेकिन वे खाली हाथ जाने को विवश रहे। एसबीआई की शाखाओं और कुछ एटीएम में रुपयों की स्थिति ठीक रही, लेकिन लोगों को एक या दो-दो हजार रुपये देकर चलता कर दिया गया। बीएचईएल और रेलवे स्टेशन के सामने इलाहाबाद बैंक में दोपहर तक रुपये समाप्त हो गए। एक्सिस, एचडीएफसी, आईडीबीआई आदि बैंकों से लोग भी खाली लौटे।
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बाजार में सभी वर्ग प्रभावित
बड़े नोट बंदी होने  का असर बाजार के प्रत्येक वर्ग पर पड़ रहा है। सराफा व्यापारी भी दुकान खोलने लगे हैं, लेकिन खरीददार नहीं पहुंच रहे। सराफ नीरज गुप्ता का कहना है कि पूरे दिन में एक हजार रुपये की बिक्री नहीं हो पा रही है। यही हाल सब्जी विक्रेता राजेंद्र कुमार का है। राजेंद्र का कहना है कि बमुश्किल 500 रुपये तक की बिक्री हो रही है, जबकि पूर्व में दो हजार रुपये तक की बिक्री होती थी।
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शराब ठेकों पर 30 प्रतिशत की गिरावट
नोट बंद होने कर असर प्रत्येक बाजार पर है, लेकिन शराब की बिक्री पर 25 से 30 प्रतिशत तक ही असर पड़ा है। शराब के ठेकों शाम के समय लगने वाली लाइन पर अब नजर नहीं आ रही है।  शराब ठेकेदार विक्रम सिंह भुल्लर ने बताया कि पहले दो लाख की बिक्री होती थी तो अब डेढ़ लाख रुपये की तक की बिक्री हो रही है। कुछ कंपनियों में चैक से या बैंक अकाउंट में सैलरी आने से शराब बिक्री पर फर्क पड़ रहा है। लोग एटीएम स्वीप मशीन रखने की सलाह तक दे रहे हैं।
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