हाईकोर्ट व एनजीटी की फटकार के बाद पॉलिथीन के खिलाफ शुरू किए गए अभियान की चार दिन में ही हवा निकल गई। ज्वालापुर में व्यापारियों के भारी विरोध और झड़प के बाद नगर निगम की छापेमारी जन जागरूकता अभियान में तब्दील हो गई।
इस बार पॉलिथीन उन्मूलन अभियान के पीछे हाईकोर्ट और एनजीटी की फटकार भी शामिल रही। बहरहाल नगर निगम ने बुधवार को ज्वालापुर में छापेमारी अभियान शुरू किया था। पॉलिथीन जब्त करने और चालान काटने पर व्यापारी भड़क उठे थे। पुलिस और नगर निगम की टीम को भारी विरोध झेलना पड़ता था। स्थिति संभालने के लिए खुद अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे। तब सिर्फ दो चालान काटकर कदम पीछे खींच लिए गए थे, पर शुक्रवार से छापेमारी फिर शुरू करने का दावा किया गया था। शुक्रवार के बजाय शनिवार को शुरू हुए अभियान से सारे तेवर गायब हो गए। छापेमारी की कार्रवाई जन जागरूकता पर आकर सिमट गई।
नगर निगम की टीमों ने ज्वालापुर कटहरा बाजार, सर्राफा बाजार, मेन बाजार, चौक बाजार, पुरानी घास मंडी, गुरुद्वारा रोड आदि बाजारों में व्यापारियों को जागरूक किया और उनके प्रतिष्ठानों पर पॉलिथीन को लेकर जागरूकता वाले पंपलेट चस्पा किए। हाईकोर्ट व एनजीटी की सख्ती के बावजूद प्रशासन की अचानक नरमी को लेकर तरह तरह की चर्चाएं रही। किसी ने व्यापार मंडल की राजनीति तो किसी ने नई सरकार का असर बताया।