हरिद्वार। जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि राज्य राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी निर्देश के क्रम में नगर निकाय चुनाव के प्रत्याशियों को चुनाव मद में व्यय का विवरण अनिवार्य रूप से देना होगा। उन्होंने कहा कि अधिकतम व्यय का पूरा निर्देशन चस्पा कर दिया गया है। यदि इसके विपरीत कोई कार्य करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी कर्मेंद्र सिंह ने कहा कि नगर निकाय सामान्य निर्वाचन-2024 के दौरान जनपद में निर्वाचन अभ्यर्थियों के सही प्रकार से लेखे प्रस्तुत न करने या कुछ व्यय उपगत करने और निर्वाचन व्यय का दैनिक लेखा न बनाए जाने पर रिटर्निंग अधिकारी उनसे समय-समय पर जवाब तलब करेंगे। इसके साथ ही नोटिस भी जारी किया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 77 (1) के अधीन निर्गत नोटिस के संबंध में प्रतयाशी विरोध या असहमति के कारणों का उल्लेख भी कर सकता है। यह अवसर देते हुए उनके मामलों का निस्तारण किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी के पास इस संबंध में प्रदत्त अधिकारों के तहत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन सकुशल और सुचितपूर्ण संपन्न हो इसके लिए व्यय अनुवीक्षण समिति का गठन किया गया है।
कुश्म चौहान को नोडल और मनीष सिंह तीन सदस्यीय कमेटी में
हरिद्वार। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट कर्मेन्द्र सिंह ने नगर निकाय चुनाव को निर्बाध और पारदर्शिता से सम्पन्न कराने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान को नोडल अधिकारी आदर्श आचार संहिता नामित किया है। इसके अलावा चुनाव के दौरान माल जब्ती से संबंधित अभिलेखों का उचित प्रकार से रख-रखाव के लिए जिला स्तर पर टीम का गठन किया है। जिला निर्वाचन अधिकारी कर्मेंद्र सिंह ने बताया कि गठित तीन सदस्यीय टीम में उप जिलाधिकारी एवं सचिव एचआरडीए मनीष सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक विपिन कुमार, जिला आबकारी अधिकारी हरीश जोशी को शामिल किया गया है। इन अधिकारियों को दायित्व का निर्वहन पूरी सुचितपूर्ण तरीके से करने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की पूरी गाइड लाइन का पालन करते हुए चुनाव संपन्न कराया जाएगा। मा.सि.रि.