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अच्युतानंद और अन्य फर्जी संतों पर होगी कार्रवाई

Wed, 01 Mar 2017 10:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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कथित फर्जी संतों के खिलाफ अखाड़ा परिषद और शंकराचार्यों द्वारा की गई घोषणाओं का पटाक्षेप अब होने वाला है। होली के बाद आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चारों पीठों के शंकराचार्य हरिद्वार में जुटेंगे। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद इस बैठक का आयोजन कर रही है। बैठक में अच्युतानंद सहित आसाराम, रामपाल आदि संतों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी।      

अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि अच्युतानंद ने शंकराचार्य और अखाड़ों के निर्देश के बावजूद अमान्य कृत्य किया है। इस कार्य में जिन चंद साधुओं ने उनका साथ दिया है, उनके विरुद्ध भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। अखाड़ा परिषद ने ज्योर्ति एवं शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती, गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती और श्रृंगेरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी भारती तीर्थ से आग्रह किया है कि वे वर्षों से लंबित चले आ रहे फर्जी संतों के निर्णय पर हरिद्वार आकर कोई फैसला सुनाएं। कांची कामकोठी पीठ के शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती से भी संपर्क साधा गया है। सभी शंकराचार्य इस बात पर सहमत हैं कि फर्जी संतों की गतिविधियों से संत जगत बदनाम हो रहा है। लिहाजा सभी शंकराचार्य मिलकर होली के तत्काल बाद एक साथ हरिद्वार में एकत्रित होने की तिथि पर विचार कर रहे हैं। जो भी शंकराचार्य तय करेंगे, उसी दिन अखाड़ा परिषद हरिद्वार में अपनी बैठक बुलाएगी और फर्जी संतों के खिलाफ ऐसा कड़ा निर्णय लेगी कि भविष्य में कोई भी संत हिंदू धर्म की मर्यादाओं और भावनाओं का उल्लंघन न कर पाए।    
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श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि अखाड़ा परिषद पिछले कई कुंभ से इस कार्य में जुटी हुई है। अच्युतानंद ने तो आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित पीठों को ही चुनौती दे डाली है।
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