हरिद्वार। उत्तराखंड जनरल-ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन की प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर हड़ताल के छठे दिन भी विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने रविवार को मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर विरोध जताने का निर्णय लिया और महिला दिवस की पूर्व संध्या पर महिलाओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
शनिवार को विकास भवन में धरना प्रदर्शन करते हुए धरना स्थल पर महिला दिवस की पूर्व संध्या पर एसोसिएशन द्वारा महिलाओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इसमें मुख्य रूप से सीमा पाल, लीला त्रिपाठी, रेखा सैनी, गायत्री कलपुडिया, गीता नेगी, कीर्ति शर्मा, मंजू चौहान, संगीता बेलवाल, उषा रावत, पूनम खंतवाल, अर्शी परवीन, नौशाबा परवीन, रेशमा चौहान, शांति चौहान, अनीता, शशि चौहान आदि को सम्मानित किया। उत्तरांचल मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नीरज गुप्ता और उपाध्यक्ष मौ. इमरान अंसारी ने कहा कि कुछ तथाकथित लोग भ्रामक प्रचार कर रहे हैं कि एससी/एसटी वर्ग के कर्मचारियों को डराया-धमकाया जा रहा है और उनसे अभद्रता की जाती है, जबकि जनपद में आज तक कोई अभद्रता नहीं की गई और न ही उनको कार्य करने से रोका गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि आपसी वैमनस्ता फैलाने वाले लोगों से कड़ाई से निपटा जाएगा। जिला सचिव देवेंद्र रावत एवं ग्राम विकास अधिकारी संगठन के प्रवक्ता विनोद मिश्रा ने कहा कि हड़ताल को छह दिन होने के बाद भी सरकार उनकी एक सूत्री मांग को मानने को तैयार नहीं है। आईटीआई के शैलेंद्र कांबोज, शिक्षा विभाग के कर्णपाल, कोषागार के योगेश गुप्ता, सिंचाई विभाग के विजय तिवारी व दीपक जोशी ने कहा कि यदि सरकार किसी कर्मचारी पर किसी प्रकार की कार्रवाई करती है तो जनपद के समस्त कर्मचारी जेल भरने से भी पीछे नहीं हटेंगे। डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बीएस पंवार ने हड़ताल को समर्थन देते हुए कहा कि उनके सदस्य आवश्यक सेवाओं के अंतर्गत आते हैं और जैसे ही आवश्यक सेवाएं ठप करने की घोषणा प्रदेश स्तर से की जाएगी, उनके समस्त सदस्य हड़ताल में शामिल होंगे।