- सिडकुल थाना क्षेत्र का मामला, जांच में प्रमाणपत्र फर्जी मिलने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। सिडकुल थाना क्षेत्र के हजारा ग्रंट गांव में पंचायत चुनाव के दौरान फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र और शपथपत्र प्रस्तुत करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला और उसके पति ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंचायत चुनाव लड़ा। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, नदीम निवासी ग्राम हजारा ग्रंट ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वर्ष 2022 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में वार्ड संख्या 12 से राशिदा निवासी ग्राम हजारा ग्रंट ने सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ा था और मतगणना के बाद विजयी घोषित हुई थीं। आरोप लगाया कि नामांकन के दौरान उन्होंने अपनी शैक्षिक योग्यता के संबंध में फर्जी और कूटरचित प्रमाणपत्र तथा शपथपत्र प्रस्तुत किया था।
उन्होंने 25 नवंबर 2023 को जिलाधिकारी से शिकायत की थी। उनके निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने प्रमाणपत्र की जांच के लिए मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), सहारनपुर को पत्र भेजा। दावा किया कि जांच रिपोर्ट में प्रमाणपत्र फर्जी मिले। आरोप है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार ने 15 फरवरी 2025 के आदेश में राशिदा को ग्राम पंचायत सदस्य वार्ड संख्या 12 के लिए अनर्ह घोषित किया। फिर राशिदा ने एसडीएम के समक्ष अपील की, इसे भी सात जुलाई 2025 को खारिज कर दिया। आरोप है कि बाद में सीडीओ ने भी कारण बताओ नोटिस जारी किया।
19 अगस्त 2025 को राशिदा को ग्राम पंचायत सदस्य पद से हटा दिया। नदीम का दावा है कि इस आदेश के खिलाफ दाखिल रिट याचिका को भी हाईकोर्ट ने 26 नवंबर 2025 को निरस्त कर दिया। आरोप है कि राशिदा ने अपने पति जुबेर के साथ मिलकर फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कर चुनाव में इस्तेमाल किया। सीओ सदर सुरेंद्र प्रसाद बलूनी ने बताया कि इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच की जा रही है।