हरिद्वार की गंगा आरती विश्व प्रसिद्ध है। अब इसी तर्ज पर आसाम सरकार ब्रह्मपुत्र की आरती कराना चाहती है। सरकार के अधिकारियों ने हरिद्वार आकर गंगा सभा के 11 पंडितों और तीनों पदाधिकारियों को निमंत्रण दिया। सभा के पंडित और पदाधिकारी आयोजन में भाग लेंगे।
आसाम सरकार के तीन अधिकारी गत दिवस हरिद्वार आए। उन्होंने सायंकालीन गंगा आरती की वीडियोग्राफी की। बताया जा रहा है कि 31 मार्च से 4 अप्रैल तक गुवाहटी में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे ब्रह्मपुत्र महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्घाटन 31 मार्च को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी करेंगे। इस अवसर पर ब्रह्मपुत्र की भव्य आरती हरिद्वार की तर्ज पर कराई जाएगी। असम सरकार ने इसके लिए 1001 संस्कृत विद्यार्थियों का चयन किया है। हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर गंगा सभा के जो 11 पुरोहित प्रतिदिन आरती कराते हैं उन्हें उन पंडितों का नेतृत्व करना होगा। गंगा सभा के पुरोहितों की अगुवाई में ब्रह्मपुत्र की आरती पांच दिनों तक उतारी जाएगी। बाद में इस आरती को प्रतिदिन असम के पुरोहित संपन्न कराएंगे। गंगा सभा ने आने की सहमति प्रदान की है। असम सरकार के अधिकारियों के साथ बाद में डामकोठी पर गंगा सभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा, महामंत्री रामकुमार मिश्रा और आशु शिवपुरी की विस्तृत वार्ता हुई। सभा के पंडितों और अधिकारियों को असम सरकार राजकीय अतिथियों का दर्जा प्रदान करेगी।
आशु शिवपुरी और रामकुमार मिश्रा ने बताया कि पिछले साल जब राष्ट्रपति हरकी पैड़ी आए थे तब उन्हें गंगा आरती बहुत भायी थी। अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रपति ने ही सुझाया है कि गंगा सभा के उन 11 पंडितों के नेतृत्व में आरती कराई जाए तो यहां प्रतिदिन आरती कराते हैं। गंगा सभा अब ब्रह्मपुत्र जाकर आरती को और नया स्वरूप देने में जुट गई है।