हरिद्वार। शनिवार शाम आई आंधी से शहर से देहात तक गायब हुई बिजली कई जगह रविवार शाम तक नहीं आई। जिसके चलते पानी का संकट भी गहराया हुआ है। 24 घंटे से ज्यादा समय से परेशान लोग दिनभर समस्या के समाधान को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को फोन घनघनाते रहे लेकिन करीब डेढ़ लाख की आबादी की समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे आई आंधी से शहर से देहात तक की लाइनों और खंभों पर पेड़ गिरने से बिजली गायब हो गई थी। उत्तरी हरिद्वार श्रवणनाथ नगर, ऋषिकुल क्षेत्र, कनखल, जगजीतपुर, मायापुर, भेल और शिवालिक नगर में रातभर लोग लाइट न होने से परेशान रहे। रविवार सुबह जगह-जगह टूटी लाइनों को ठीक करने का काम शुरू हुआ। इसके बावजूद आधे शहर में दोपहर बाद भी विद्युत आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई। बिजली न होने से कई क्षेत्रों में पानी का संकट बना रहा। लोग दिनभर पानी के लिए सरकारी हैंडपंपों के चक्कर लगाते रहे। श्यामपुर क्षेत्र में शनिवार चार बजे गुल हुई बिजली रविवार सुबह 11 बजे आ पाई।
यहां अब तक अंधेरा
शहर के शिवालिक नगर, ज्वालापुर की हरिलोक कालोनी, कड़च्छ मोहल्ला, मेहतान मोहल्ला, चाकलान मोहल्ला और इंद्रा बंस्ती समेत एक दर्जन मोहल्लों में बिजली नहीं है। इससे क्षेत्र की करीब एक लाख आबादी परेशान है। धनौरी क्षेत्र के 60 गांव और बहादराबाद क्षेत्र के 13 गांव में बिजली न होने से क्षेत्र की करीब 50 हजार की आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर है।
गुस्साए लोगों ने धरना दिया
हरिद्वार। कनखल में रात से बिजली-पानी बंद होने और प्रशासन के लापरवाह बने रहने से गुस्साए लोग सुबह धरने पर बैठ गए। पूर्व सभासद अशोक शर्मा के नेतृत्व में लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप लगाया गया कि अधिकारी समस्या देखने-समझने तक भी नहीं आ रहे हैं। जिसके चलते उन्हें मजबूर होकर सड़क पर आना पड़ा। उसके बाद जिलाधिकारी, मेयर, नगर आयुक्त और अन्य विभागीय अधिकारी पहुंचे और क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक कराकर बिजली-पानी की बहाली कराने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। सभासद अशोक शर्मा ने बताया कि पहाड़ी बाजार, दरिद्रभंजन मंदिर, सतीघाट व दादूबाग क्षेत्र में पेड़ टूटने तथा बोर्ड उखड़ने से नुकसान हुआ है और बिजली-पानी रात से बंद है।