रुड़की। अनुमति की आड़ में बेलगाम हुए खनन माफिया की करतूत दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। अभी तक माफिया एक-दो जेसीबी को लेकर ही नदियों और खेतों में खनन कर रहे थे। बृहस्पतिवार रात कोे माफिया ने मोहंड रो और सूक नदियों में अलग-अलग स्थानों पर करीब 24 जेसीबी से खुदान किया। रातभर अनुमति से कई ज्यादा खनन सामग्री उठाई गई। शुक्रवार सुबह तक भी माफिया नदियों में धमाचौकड़ी मचाते रहे, लेकिन प्रशासन के किसी अधिकारी ने मौके पर झांकने की जहमत नहीं उठाई।
घाड़ क्षेत्र में पहले जिला प्रशासन ने छह किसानों को खेतों में आए मलबे को उठाने की अनुमति दी थी। अब यह संख्या बढ़कर 12 हो चुकी है। हर एक किसान को एक जेसीबी से खुदान की अनुमति दी गई है। इस अनुमति की आड़ में माफिया नदियों का सीना चीर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार पूरी रात मोहंड और सूक नदियों में खनन होता रहा। माफिया ने रात के समय अनुमति से ज्यादा जेसीबी को खुदान पर लगाया था। शुक्रवार सुबह तक माफिया अनुमति से ज्यादा जेसीबी से खनन करते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इसकी सूचना पुलिस और तहसील के अधिकारियों को दी थी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। दिन चढ़ने के बाद खुदान में लगी जेसीबी को हटा दिया गया। अनुमति वाली जेसीबी से खनन होता रहा। माफिया बंजारेवाला गांव के पीछे सूक नदी में सबसे ज्यादा खनन कर रहे हैं। यहां से खनन सामग्री को आसानी से स्टोन क्रशरों तक पहुंचाया जा सकता है।
यूपी के क्रशरों पर पहुंचने लगी खनन सामग्री
उत्तराखंड की नदियों और उसके किनारों से उठने वाली खनन सामग्री उत्तर प्रदेश के स्टोन क्रशरों तक पहुंचाई जा रही है। बंजारेवाला क्षेत्र में काफी संख्या में यूपी के माफिया भी खनन कर रहे हैं। किसानों की अनुमति की आड़ में सहारनपुर जिले के माफिया सक्रिय हैं। सूक नदी से उठने वाली खनन सामग्री को सहारनपुर के सुंदरनगर के स्टोन क्रशरों तक पहुंचाया जा रहा है।
बाणगंगा में नहीं थम रहा अवैध खनन
लक्सर/सुल्तानपुर। खादर क्षेत्र में भी मलबा उठाने की अनुमति की आड़ में खनन का खेल चल रहा है। बाणगंगा में टांडा-भागमल से लेकर भिक्कमपुर तक कई स्थानों पर अवैध खनन किया जा रहा है।
बाणगंगा नदी से लगे इलाकों में जिला प्रशासन ने खनन सामग्री उठाने की अनुमति किसानों को दी है। इस अनुमति की आड़ में दूसरी जगह पर भी जमकर खनन किया जा रहा है। क्षेत्र में भोगपुर, बाड़ीटीप, टांडा भागमलपुर, अलावलपुर, फतवा, हरसीवाला, टांडा महतौली आदि गांवों के घाटों से खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बाणगंगा में खनन करने से भविष्य में बाढ़ की आशंका बढ़ जाएगी। क्षेत्र में माफिया ने 10-10 फीट तक खनन सामग्री खोद डाली है। इसकी जांच तहसील प्रशासन की अधिकारी नहीं कर रहे। वहीं, एसडीएम उत्तम सिंह चौहान का कहना है कि शिकायत पर जांच की जाती है। अलावलपुर में अनुमति वाले क्षेत्र में ही खनन किया जा रहा है। बाकी जगह की जांच करवाई जाएगी।