रुड़की। सोलानी के रौद्र रूप से 14 परिवार सहमें रहे। नदी का पानी इन परिवारों के आशियानों को उजाड़ती हुई निकल गई। जिससे परिवारों के लोगों ने रातभर दहशत में रहकर रात गुजारी। वहीं खाने पीने का सभी सामान नष्ट होने से पीड़ितों का जीवन ग्रामीणों के सहारे बचा है।
रुड़की से सटे गांव मजरा के एक किनारे पर बसे 14 गरीब परिवारों किसी तरह अपने रहने के लिए मकानों का निर्माण करा रहे हैं। मकानों का निर्माण कार्य पूरा होने तक इन लोगों ने बराबर में ही झोपड़ी डाल थी। रविवार दोपहर में सोलानी नदी के उफान पर आने से इन लोगों की सांसे अटक गई। नदी के पानी का तेज बहाव गरीबों की झोपड़ी अपने साथ बहाकर ले गई। साथ ही झोपड़ी में रखा खाने-पीने का सामान सहित सभी सामान अपनी जद में समेटता हुई नदी निगल गई। जिससे इन लोगों को हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं लोगों ने पूरी रात दहशत में खुले आसमान के नीचे जागकर गुजारी। सुबह पानी कम होने पर ही परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों की ओर से इन्हें भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे इन परिवारों का जीवन ग्रामीणों के सहारे बचा है।