हरिद्वार। ज्वालापुर क्षेत्र में पीलिया से पीड़ित एक और मरीज ने दम तोड़ दिया है। 15 दिन के भीतर यह तीसरी मौत है। जबकि पीलिया से पीड़ित एक मरीज को दिल्ली रेफर कर दिया है। कई लोग अभी इसकी चपेट में बताए जा रहे हैं । जानलेवा स्क्रब टायफस और डेंगू के मामले भी यहां सामने आ चुके हैं। लेकिन, जल संस्थान और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। न स्वच्छ पानी की सप्लाई के लिए जल संस्थान और जल निगम कुछ कर रहा है और न स्वास्थ्य विभाग दवाइयां बांटने और चेकअप के लिए कैंप की व्यवस्था कर रहा है। प्रशासन तो चुप है ही। कोई नेता और जनप्रतिनिधि भी राहत दिलवाने को आगे नहीं आ रहा है। मोहल्लेवासियों ने यहां तैनात जिम्मेदार अधिकारियों को कहीं और भेजने की गुहार सरकार से लगाई है।
कड़च्छ में रहने वाले लोगों ने बताया कि बुधवार को 40 वर्षीय अशोक कुमार पुत्र मूलाराम की पीलिया से मौत हुई है। जबकि अशोक दस दिन से इससे पीड़ित है। परिजनों ने बताया कि इसका इलाज देहरादून के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। जहां रिपोर्ट में पीलिया की पुष्टि हुई है। यही नहीं मृतक अशोक का पांच वर्षीय बेटा भी पीलिया से पीड़ित हैं। आर्य नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती जसवंत पुत्र सत्यपाल की हालत बिगड़ने पर बुधवार को दिल्ली रेफर कर दिया है। जसवंत 15 दिन से पीलिया से पीड़ित है। इसके अलावा कड़च्छ मोहल्ले में 22 वर्षीय मोनू को भी पीलिया है। ज्वालापुर के शरीफनगर में भी दो लोगों को पीलिया बताया जा रहा है।
इनसेट
इन अधिकारियों को यहां से भेजो सरकार
चार महीने से ज्वालापुर क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। जलसंस्थान की ओर से संचालित पाइप लाइनों में सीवर युक्त पानी आ रहा है। जिससे पीलिया और जानलेवा बीमारियां फैल रही हैं। स्वास्थ्य विभाग भी खानापूर्ति कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है जिन अधिकारियों को आम आदमी की चिंता नहीं है उन्हें यहां रहने नहीं देना चाहिए। योगेंद्र पाल, सतीश, शिवपाल रवि, विजेंद्र आदि का कहना है जल्द समस्या का हल नहीं हुआ तो लापरवाह अधिकारियों को हटाने के लिए आंदोलन किया जाएगा।
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बोले लोग (सिंगल फोटो)
क्षेत्र में दूषित पानी से जलजनित बीमारियां फैल रही हैं। जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जलसंस्थान और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है लेकिन कोई इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। -श्यामल दबोडिये
-आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई नहीं होती। अहबाब नगर में कुछ लोग आबादी के बीच ही गाय-भैंसे पाल रहे हैं। जिसके कारण मच्छर, कीट और बदबू चारों तरफ फैल रही है। लेकिन कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं करवाया जा रहा है। विनोद कुमार
-जल संस्थान कर्मचारियों को पाइपलाइन में फाल्ट ही नहीं मिल रहा है। बिना क्लोरीन मिला पानी घरों में आ रहा है। पानी इतना गंदा होता है कि किसी बाल्टी में भरते हुए ही बदबू आने लग जाती है। नलों पर सीवर युक्त गंदा और काला पानी भी आ रहा है। -चंद्रपाल
-पांच महीने से कालोनी में पानी गंदा आ रहा है। कालोनी में पीलिया बढ़ता जा रहा है। पेयजल की व्यवस्था चरमरा गई है। दूसरी ओर जगह-जगह कूडे़ के ढेर लगे हैं। अधिकारियों की लापरवाही लोगों को जान देकर चुकानी पड़ रही है। -पवन कुमार
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रावली महदूद में भी दो को पीलिया
रावली महदूद गांव के पीलिया से पीड़ित दो मरीजों को आर्य नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित गुड्डू पुत्र रामफरन और जाकिर पुत्र जाबिर का काफी दिन से इलाज चल रहा है। इस गांव में पहले डेंगू, मलेरिया और स्क्रब टायफस जैसी बीमारियों के मामले सामने आए अब पीलिया के मामले सामने आने पर लोगों में भय का माहौल है।
कोट
कड़च्छ मोहल्ले में पीलिया से मौत की सूचना मिली है। लेकिन, जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर जाकर जांच-पड़ताल करेगी।
-डा. नवनीत किशोर, जिला संक्रमण रोग अधिकारी