फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां तो दूध की दुकान पर भी बिकती है शराब

विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार। सहारनपुर से सटे जिन गांवों में शराब पीने से मौत हुई, वहां प्रशासन की लापरवाही को बिलकुल नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सही मायने में यह कहना गलत नहीं होगा कि पुलिस और आबकारी विभाग की लापरवाही ने ही शराब के शौकीन ग्रामीणों की मौत का सामान जुटाया था, लेकिन यह मामला केवल देहात तक भी नहीं थमा है। हालात शहर में भी ठीक नहीं हैं। हरिद्वार शहर में तो दूध की दुकान पर भी शराब बिक रही है।
विज्ञापन

पूरे जिले में शराब तस्करों का नेटवर्क मजबूती से बढ़ रहा है। पिछले साल अगस्त में ही आबकारी विभाग ने जिले में चार दिन में चार स्थानों पर अलग-अलग स्थानों पर छापा मारकर सिडकुल से सटे दादूपुर, रुड़की, लक्सर और कनखल थाना क्षेत्र के भगवतीपुरम कालोनी में छापे मारकर नकली शराब बनाने की फैक्ट्री पकड़ी थी। इस मामले में प्रशासन और पुलिस भी आमने सामने आ गए थे। बड़ी बात यह है कि पिछले दिनों खुद जिलाधिकारी जब छापा मारने निकले तो हरकी पैड़ी क्षेत्र की दुकानों पर भी शराब बिकती पाई गई। रानीपुर मोड़ पर दूध की दुकान पर भी शराब बिकती पकड़ी जा चुकी है।
पूरा परिदृश्य बताता है कि शहर से लेकर देहात तक जिले का कोई ऐसा कोना नहीं है, जहां आसानी से शराब या अन्य मादक द्रव्य सहजता से उपलब्ध न होते हों। शुक्रवार को शराब पीने से हुई सामूहिक मौतों ने एक बार फिर जिले की कड़वी हकीकत सामने ला दी है। जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि शराब का अनैतिक कारोबार कैसे चल रहा है, इस बारे में आबकारी विभाग और पुलिस के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। प्रथम दृष्टया आबकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने पर शासन की ओर से 13 कर्मचारी पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं। विस्तृत जांच में जहां भी लापरवाही पाई जाएगी, उस पर भी गंभीर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें