अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। सितारगंज के पूर्व विधायक वरिष्ठ कांग्रेस नेता नारायण पाल ने कहा कि नशामुक्ति के लिए आंदोलन चलना चाहिए। इस समय देवभूमि का युवा जिस तरह नशे की गिरफ्त में आता जा रहा है वह भविष्य के लिए खतरा है। उन्होंने नशा नहीं रोजगार दो के नारे के साथ नया जनांदोलन शुरू करने की जरूरत पर बल दिया।
बुधवार को यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने आए नारायण पाल ने डामकोठी में पत्रकार वार्ता में कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। हरिद्वार में ही जिस तरह से हर तरफ सड़कों को खोदा गया है, उससे आमजन परेशान है। गंगा बुरी तरह प्रदूषित है और श्रद्धालुओं की सुध नहीं ली जा रही है। ऐसे में लगता ही नहीं है कि यह शहरी विकास मंत्री का गृहनगर है। उन्होंने पूरे राज्य के लिए विकास का नया मॉडल बनाने, युवाओं को नशे से दूर कर रोजगार देने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की, ताकि उत्तराखंड राज्य की उस परिकल्पना को साकार किया जा सके जिसके लिए इसका गठन किया गया था। नारायण पाल ने कहा कि सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर वे उत्तराखंड के जनसरोकारों को जोड़ते हुए जनांदोलन शुरू करेंगे।
पलायन को बड़ी समस्या बताते हुए नारायण पाल ने आरोप लगाया कि पलायन रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है। चीन के बॉर्डर से सटे सैकडों गांव पूरी तरह खाली हो गए हैं। राज्य में पानी का संकट गहराता जा रहा है। बावजूद इसके सरकार कोई प्रभावी योजना बनाने में नाकाम रही है।