नगर निगम क्षेत्र में कई इमारतें ऐसी हैं जो कभी भी गिरकर बड़े हादसे का सबब बन सकती हैं। नगर निगम प्रशासन ने अपने क्षेत्र में 91 गिरासू भवन चिह्नित किए हुए हैं। इनमें धर्मशालाएं और सरकारी स्कूल भवन भी हैं। इन्हें प्रत्येक साल नोटिस जारी कर गिराने को आदेश दिए जाते हैं। भवन मालिकों ने मरम्मत कराने और किरायेदार की तरफ से खाली न करने आदि के बहाने बनाकर इनको नहीं गिराया जाता है।
मंगलवार को तेज बारिश में हरकी पैड़ी की दीवार गिरने के बाद नगर निगम क्षेत्र के गिरासू भवनों से भी दहशत बनी हुई है। मानसून से पहले ही नगर निगम के निर्माण विभाग की ओर से गिरासू भवनों को चिह्नित कराने का काम शुरू करा दिया जाता है। निर्माण विभाग के सहायक अभियंता पवन कोठियाल के नेतृत्व में नगर निगम क्षेत्र में गिरासू इमारतों को चिन्हित किया गया। कनखल क्षेत्र के लाटोवाली व राजघाट, ज्वालापुर के कई क्षेत्रों में, देवपुरा चौक, हरकी पैड़ी क्षेत्र, खड़खड़ी, भूपतवाला में 91 इमारतें चिह्नित किए हुए हैं। इन इमारतों में कई परिवार अब भी रह रहे हैं। इन परिवारों के साथ आसपास के मकानों को भी खतरा बना हुआ है।
इस साल 91 इमारतें चिह्नित की हुई हैं। इनमें से 34 इमारतों के मालिकों ने मरम्मत करने की बात बताई है। अन्य शेष बचे हुए इमारतों के मालिकों या प्रबंधकों को दोबारा से नोटिस जारी किया जा रहा है। यदि फिर भी मरम्मत या गिराई नहीं तो नगर निगम स्वयं कार्रवाई को मैदान में उतरेगा। लोगों की जान से खिलवाड़ नहीं किया जाएगा।
- नरेंद्र सिंह भंडारी, मुख्य नगर आयुक्त।