हरिद्वार। सिंचाई विभाग उत्तराखंड की पंतद्वीप वाहन पार्किंग ठेका योजना में बड़ा खेल खेला जा रहा है। उत्तर प्रदेश के समय से चली आ रही एक वर्षीय ठेका अवधि को तीन वर्ष के लिए संशोधित कर दिया गया है। विभाग ने तीन वर्षीय पार्किंग ठेका की सरकारी न्यूनतम बोली छह करोड़ रुपये रखने से ही एक करोड़ 74 लाख 63 हजार रुपये का नुकसान उठाया जा रहा है। किस को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार को नुकसान पहुंचाया जा रहा है इस पर कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं है।
सिंचाई खंड हरिद्वार ने वर्ष 2017-18 के लिए पंतद्वीप पार्किंग का ठेका हितेश नारायण शर्मा के नाम दो करोड़ 58 लाख 21 हजार रुपये में छोड़ा था। नियमानुुसार एक वर्ष के लिए ही ठेका दिया जाता तो पिछले ठेके की अधिकतम बोली से प्राप्त आय ही न्यूनतम सरकारी बोली रखी जाती। इस हिसाब से इस रकम को जोड़ दिया जाए तो तीन वर्ष के लिए सरकारी न्यूनतम बोली 7 करोड़ 74 लाख 63 हजार रुपये होनी चाहिए थी। खेल यहीं पर खत्म नहीं होता है। पार्किंग के लिए जगह भी पहले से कहीं अधिक दी जा रही है। सिंचाई खंड हरिद्वार के जिलेदार के अनुसार वर्तमान पंतद्वीप पार्किंग का एरिया लगभग 74 हजार वर्गमीटर था जिसको बढ़ाकर अब लगभग 95 हजार वर्ग मीटर कर दिया गया है। इस प्रकार अब हाईवे से भीमगोड़ा जाने वाली सड़क के बायीं तरफ का पूरा मैदान ठेकेदार के हवाले किया जा रहा है। इस मैैदान में अब श्रद्धालुओं की ओर से बुुकिंग कर लाए जाने वाले वाहनों के लिए जगह नहीं मिलेगी। उन्हें पार्किंग शुल्क देकर ही मैदान में घुसने दिया जाएगा।
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कांवड़ बाजार की जगह भी होगी कम
सिंचाई विभाग की ओर से पार्किंग का एरिया बढ़ाने से प्रतिवर्ष सावन मास के कांवड़ मेला में अस्थायी कांवड़ बाजार स्थापित करने के लिए जितनी भूमि उपलब्ध होती थी उतनी नहीं मिल पाएगी। कांवड़ मेला बाजार अब दायीं ओर के चमगादड़ टापू में बनेगा। मेला शौचालयों भी उसी तरफ बनाने पड़ेंगे।
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ठेकेदार साढ़े पांच करोड़ का विकास कार्य भी करेगा
सिंचाई खंड हरिद्वार के उप राजस्व अधिकारी एनएस कुंडरा ने तीन वर्ष के लिए पंतद्वीप पार्किंग ठेका की सरकारी न्यूनतम बोली कम छह करोड़ रखे जाने का बचाव करते हुए कहा कि ठेकेदार को पार्किंग एरिया में दो साल की अवधि में 5 करोड़ 50 लाख रुपये के विकास कार्य भी कराने होंगे। इसको मिलाकर देखें तो ठेका न्यूनतम 11 करोड़ 50 लाख का होगा। लेकिन सरकारी बोली निर्धारित करने में एक करोड़ 74 लाख 63 हजार की कमी क्यों की गई इसका जवाब देने की बजाय उन्होंने फोट काट दिया।