अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
भारत साधु समाज ने महिलाओं के ऊपर बढ़ रहे अत्याचारों पर चिंता जताई है। उन्होंने युवा प़ीढ़ी को और ज्यादा संस्कारवान बनाने के लिए देशव्यापी अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
बृहस्पतिवार को भारत साधु समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयराम आश्रम के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार भारतीय संस्कृति का अपमान है। उन्होंने कहा कि बेटियों को संरक्षण देने की जरूरत है। आध्यात्मिक संस्थाओं और धर्मशालाओं को टैक्स मुक्त करने के सरकार के निर्णय पर संतों ने आभार जताया। उन्होंने राज्य को शराब मुक्त करने की मांग की।
दक्षिण काली मंदिर के पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि संत समाज को भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए जागरूकता फैलानी होगी। डा. श्यामसुंदरदास शास्त्री एवं स्वामी ऋषिश्वरानंद महाराज ने कहा कि भारत साधु समाज लगातार देश भर में लोगों को धर्म के प्रति सचेत करता चला आ रहा है। निर्मल अखाड़े के सचिव महंत बलवंत सिंह, स्वामी ललितानंद महाराज ने कहा कि 1956 से भारत साधु समाज संतों की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ता चला आ रहा है। मंशा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी महाराज को कुछ माफिया की ओर से जान से मारने की धमकी का संत महंतों ने निंदा कर कार्रवाई की मांग की।
बैठक में भारत साधु समाज की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की गई। जिसमें श्रीमहंत देवानंद सरस्वती प्रदेशाध्यक्ष श्रीमहंत ईश्वरदास उपाध्यक्ष श्रीमहंत मोहन सिंह महामंत्री बनाए गए। इसके साथ ही श्रीमहंत भूपेंद्र गिरि सहमंत्री, महंत मोहनदास रामायणी संगठन मंत्री, स्वामी ललितानंद प्रचार मंत्री , स्वामी हरिचेतनानंद जिलाध्यक्ष, महंत विष्णुदास महाराज और स्वामी गंगादास उपाध्यक्ष सहित स्वामी हरिहरानंद, स्वामी जगदीशानंद गिरि, संत जगजीत सिंह शास्त्री, महंत कमलदास को भी विभिन्न दायित्व दिए गए।
बैठक में बाबा बलरामदास हठयोगी, महंत बलवंत सिंह, महंत सुरेंद्र मुनि, स्वामी कपिल मुनि, स्वामी जगदीशानंद गिरि, स्वामी चिद्विलासानंद, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी महादेव महाराज, महंत शिवम महाराज, महंत गंगादास उदासीन, स्वामी हरिहरानंद महाराज आदि संतगण उपस्थित रहे।