फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुरुकुल विवि प्रशासन झुका, छात्रों की सभी मांगे मानी

विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार।
विज्ञापन

गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय प्रशासन को आखिरकार छात्रों के आंदोलन के आगे झुकना पड़ा। विवि प्रशासन ने छात्रों की सभी 16 मांगें मान ली हैं। कुलपति डा. सुरेंद्र कुमार और विवि के कार्यवाहक कुलसचिव प्रो. एमआर वर्मा ने छात्रों को लिखित में सभी मांगें पूरा करने का आश्वासन दिया। आमरण अनशन के 9 वें दिन कुलपति डा. सुरेंद्र कुमार ने छात्रों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
गुरुकुल कांगड़ी विवि में करीब एक माह से 16 सूत्री मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले छात्र आंदोलन कर रहे थे। 28 मार्च से छात्रों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया था। बुधवार को एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने 16 सूत्री मांग को लेकर पूरे प्रदेश में विवि प्रशासन के पुतले फूंके थे। इसके बाद विवि प्रशासन दबाव में आ गया और बृहस्पतिवार को अनशन स्थल पर पहुंचे कुलपति और कार्यवाहक कुलसचिव सभी मांगों को पूरा करने का लिखित में आश्वासन दिया। इसके बाद एबीवीपी के तरुण चौहान, मनीष मलिक, अनुज कालखंडे आदि छात्रों ने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया। इस मौके पर छात्रों को संबोधित करते हुए एबीपीपी के प्रदेश संगठन मंत्री प्रदीप शेखावत ने इसे छात्र संघर्ष की जीत बताया। प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन पंत और विभाग संगठन मंत्री योगेश विद्यार्थी ने संयुक्त रूप से कहा कि एबीवीपी छात्र हितों और उनकी समस्याओं को लेकर सदैव तत्पर रही है। छात्र संघ अध्यक्ष गोविंद पंवार, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष मनीष चौहान, चर्चित बालियान, एबीवीपी के जिला सहसंयोजक तरुण चौहान ने 16 सूत्री मांगे पूरी होने पर इसे छात्रों की बड़ी जीत बताते हुए विवि प्रशासन का आभार प्रकट किया। इस अवसर एबीवीपी के नगर मंत्री आदित्य गौड़, मोहित चौहान, राहुल चौधरी, राहुल शर्मा, विशाल चौहान, पीयूष प्रकाश तिवारी, मयंक, शुभम, सचिन, दीपक प्रजापति, रघुनंदन जोशी, गौरव सैनी, गौरव सैनी, अभिषेक चौहान आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------------------
ये थी छात्रों की मांगे
कुलसचिव की नियुक्ति, पुनर्मूल्यांकन के लिए छात्रों की फीस वापस लेने, पुनर्मूल्यांकन शुल्क एक हजार से घटाकर पांच सौ रुपये करने, प्रश्नपत्रों में एमसीक्यू की व्यवस्था आगामी परीक्षा से लागू करने, एक माह में राष्ट्र ध्वज लहराने की व्यवस्था, फेल हुए छात्रों का नए सिरे से मूल्यांकन, बैक और अंक सुुधार परीक्षा वर्ष में एक बार कराए जाने, स्नातक स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की सुविधा, शिक्षकों और कर्मचारियों के रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां करने, छात्रों द्वारा उठाए गए वित्तीय घोटाले जांच के दायरे में लाए जाएं आदि मांगें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें