अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
झुग्गी- झोपड़ियों व गरीब बस्तियों में रहने वाले लोगों से गृहकर के नाम पर टैक्स वसूलने के विरोध एवं कुंभ 2010 के दौरान उजाड़े गए खोखाधारकों को बसाने की मांग को लेकर कांग्रेसजनों ने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर धरना देकर प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि मंत्री नौकरी मांगने पहुंचे बेरोजगारों को निठल्ला कह रहे हैं।
शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर आयोजित कांग्रेस पार्षदों के धरना- प्रदर्शन में पूर्व विधायक अंबरीष कुमार ने शहरी विकास मंत्री और मेयर की कार्यशैली पर प्रश्न उठाए। कहा कि उन्होंने शहर के विकास के लिए कोई काम नहीं किया है। चित्रा टाकीज से हटाए गए खोखा धारकों को अविलंब उचित स्थान पर समायोजित करने व झुग्गी झोपड़ियों में रह रहे लोगों से टैक्स वसूली बंद कर उन्हें हरीश रावत सरकार के शासनादेश के अनुसार तत्काल मालिकाना हक देने की मांग की।
पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी एवं प्रदीप चौधरी ने अपने-अपने कार्यकाल में हुए विकास कार्यों पर प्रकाश डाला। पथ प्रकाश, सफाई व्यवस्था व टैक्स संग्रह को आउट सोर्सिंग पर देने पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे तो निगम की प्रासंगिकता ही खत्म हो जाएगी। नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार एवं पार्षद अमन गर्ग ने कहा कि अब प्रदेश में भाजपा की सरकार होने पर करीब एक वर्ष के विकास का ब्योरा निगम बोर्ड को देना चाहिए। कहा कि अब चुनाव नजदीक आने पर गरीबों की झोपड़ियों पर टैक्स लगाकर उन्हें मालिकाना हक देने का सब्जबाग दिखाकर वोट लेने को प्रलोभन दे रहे हैं, लेकिन जनता पहले ही समझ चुकी हैं। मुरली मनोहर ने भी निगम बोर्ड पर कई सवाल दागे। धरने की अध्यक्षता करते हुए महानगर संयोजक संजय अग्रवाल ने कहा कि भाजपा सरकार की विकास विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है। नगर निकाय चुनाव में एकताबद्ध होकर जनता को भाजपा से मुक्त करना है। इस मौके पर पार्षद अमन गर्ग, सुभाष अहमद, अशोक शर्मा, पुरुषोत्तम शर्मा, धर्मपाल ठेकेदार, भूपेंद्र कुमार, तहसीन अंसारी, सचिन अग्रवाल, मुर्सलीन अहमद, बलराम राठौड, सद्दीक गाड़ा, नरेश चनियाना, सोम त्यागी, किरन सिंह, नईम कुरैशी, वरुण बालियान, जितेंद्र सिंह, अनंत पांडे, राजेंद्र चुटैला, मकबूल कुरैशी, शुभम मंडोला, शुभम अग्रवाल, अंकित चौहान, सोनू शर्मा, नितिन तेश्वर, हिमांशु बहुगुणा, नरेद्र उपाध्याय, प्रदीप त्यागी, अशोक गुप्ता, नीरव साहू, तरुण व्यास आदि ने विचार रखे।