हरिद्वार। अपनी कार्यप्रणाली के चलते हर रोज नई सुर्खियों रहने वाले हरिद्वार के जिलाधिकारी दीपक रावत इस बार बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरने के लिए नई योजना लेकर आए हैं। जिलाधिकारी की ओर से जिलेभर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों के लिए खिलौना बैंक बनाया है। इसकी शुरुआत जिलाधिकारी ने अपने बच्चों के कुछ खिलौने इस बैंक में देकर इसकी शुरुआत कर दी है। जिलेभर के लोगों से उन्होंने अपने बच्चों के रिजेक्ट किए जा चुके खिलौने इस बैंक में दान देने की अपील की है।
जिलाधिकारी दीपक रावत और मुख्य विकस अधिकारी स्वाति भदौरिया का मुख्य फोकस इन दिनों जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण पर है। दोनों आला अधिकारियों ने जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को विकसित करने के लिए अभियान चलाया हुआ है। कई आंगनबाड़ी केंद्रों की रंगाई-पुताई करने के साथ ही इन केंद्रों पर संसाधन भी विकसित कराए जा रहे हैं। जिले में इन केंद्रों पर करीब दो लाख सत्तर हजार बच्चे पढ़ते हैं। जिलाधिकारी दीपक रावत ने सहयोगी अधिकारियों के साथ योजना बनाकर बच्चों के लिए एक खिलौना बैंक बनाया है। जिले के सभी सक्षम लोगों से जिलाधिकारी ने यह अपील की है कि उनके घरों में बेकार पड़े ऐसे खिलौने जिनसे उनके बच्चे अब नहीं खेलते हैं वे ऐसे खिलौने इस बैंक में दान दे सकते हैं। इन खिलौनों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित किया जाएगा ताकि केंद्रों पर आने वाले बच्चे इन खिलौनों से खेल सकें। जिलाधिकारी दीपक रावत ने इस अभियान की शुरुआत अपने बच्चों के खिलौने सबसे पहले इस बैंक में सौंप कर की है। उन्होंने कहा कि लोगों की मदद से बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरने में मदद मिलेगी। जिलाधिकारी की इस पहल को कई अन्य अधिकारियों का भी समर्थन मिल रहा है।