हरिद्वार।
चारधाम यात्रा के समय में जिला अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर गई है। मंगलवार को अस्पताल में एकमात्र ओपीडी चली। इससे मरीजों पर मंगलवार का दिन भारी गुजरा। एकमात्र फिजिशियन की ड्यूटी भी चारधाम यात्रा पर लगा दी गई है। बुधवार से वह भी यहां उपलब्ध नहीं होंगे। ऐसे में जिला अस्पताल आने वाले मरीजों की मुसीबत और बढ़ने वाली हैं।
जिला अस्पताल में इमरजेंसी समेत 9 ओपीडी संचालित होती हैं। मंगलवार को इमरजेंसी, नेत्र और फिजिशियन की ओपीडी ही चली। अस्पताल के अन्य कार्यों के चलते हुए फिजिशियन भी बीच-बीच में ओपीडी छोड़ने को मजबूर रहे। जबकि उनके कक्ष में बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। डा. एके पालीवाल और हृदय रोग विशेषज्ञ डा. अनुपम चतुर्वेदी भी अवकाश पर थे। सर्जन अरुण पांडेय का ऑपरेशन का दिन था, इससे उनकी ओपीडी कक्ष का दरवाजा तक नहीं खुला। बाल रोग विशेषज्ञ डा. ज्योति पाठक और हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. ज्योति बोहरा लंबे समय से अवकाश पर हैं । बच्चों और हड्डी रोगियों को निराश होकर लौटना पड़ा। जबकि मंगलवार को 200 मरीजों ने पंजीकरण कराया।
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मरीजों की जुबानी उनका दर्द
जिला अस्पताल में सुबह दस बजे पहुंचे मरीजों को नंबर एक मात्र ओपीडी में घंटों तक इंतजार करने के बाद जैसे-तैसे आया। दोपहर में करीब 12 बजे फिजिशियन को सीएमएस ने बुला लिया। पर्चा लगाकर घंटे भर से ओपीडी के बाहर खड़ी कस्साबान निवासी सायरा बानो ने बताया कि उसके बच्चे की पैर की हड्डी में फैक्चर है। उसे दिखाने के लिए अस्पताल में आई थी, लेकिन डाक्टर न होने से एक्स-रे तक के लिए कोई लिखने को तैयार नहीं है। रैबीज की वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंची गोविंदपुरी निवासी तारावती ने बताया कि वैक्सीन लगाने वाले फार्मासिस्ट ने डाक्टर से लिखवाने को कह दिया, लेकिन पर्चा लेकर पूरे अस्पताल में घूमे कोई नहीं मिलने से अब वापस जाने को मजबूर है।
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फिजिशियन चारधाम यात्रा के लिए रिलीव कर दिए हैं। बाल रोग एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ आवश्यक कार्यों के चलते हुए लंबे समय तक के लिए अवकाश पर हैं। अब नए डॉक्टरों के आने की उम्मीद है। आर्थोपेडिक डाक्टर शीघ्र ही ओपीडी शुरू कर देंगे। इसके बाद ही इलाज की व्यवस्था ठीक हो सकेगी।
- डा. अजय सिंह सैंगर, सीएमएस, जिला अस्पताल।